Jharia Fire Area: आग की अद्यतन स्थिति का पता लगाने के लिए होगी डिजिटल मैपिंग

झरिया की आग में कोकिंग कोल जल रहा है। मौजूदा समय में आग व विस्थापन की समस्या के कारण मेगा प्रोजेक्ट नहीं खुल पा रही हैं। देश में कोकिंग कोल की मांग बढ़ रही है। मांग को पूरा करने के लिए कोयला मंत्रालय को कोयला आयत करना पड़ा रहा है।

MritunjaySat, 25 Sep 2021 09:14 AM (IST)
झरिया में आग का एक नजारा ( फाइल फोटो)।

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। झरिया भूमिगत आग की क्या स्थिति है। इस पर बीसीसीएल सीएमडीआइएल के साथ मिलकर जियो डिजिटल मैपिंग काम करेगा। 1999 में झरिया की आग 25 स्क्वायर किमी में फैली थी। 595 साइट आग प्रभावित क्षेत्र चिन्हित किया गया। मौजूदा समय में उन साइट की क्या स्थिति है इस पर गहनता से सर्वे करना जरूरी है। बीसीसीएल के तकनीकी निदेशक संचालन चंचल गोस्वामी ने बताया कि भू धंसान का खतरा तो है। 1999 से 2021 के दौरान तीस साल का अंतराल होता है। इस दौरान कई इलाके है जो भूधंसान नहीं हुए है। उसमें तीन श्रेणी में 595 क्षेत्र को रखा गया था, जिसमें 111 क्षेत्र अति संवेदनशील अग्नि प्रभावित क्षेत्र में था। इसके बाद खतरा व धंसान की संभावना क्षेत्र मान गया था। अब क्या है स्थिति ? इस पर फिर से जियो मेपिंग की जाएगी। तीन माह में यह काम पूरा किया जाएगा। इससे पता चलेगा क्या कहां माइनिंग हुआ है, कहां नहीं हुआ। आग की क्या स्थिति है। आग के कारण कहां माइनिंग नहीं करना है। इधर कोयला मंत्री ने भी इसपर गंभीरता दिखाते हुए कहा है कि जल्द ही इस पर ठोस नीति बनाने की बात कही। वे कोयला सचिव अनिल जैन व कोयला मंत्रालय के प्रोजेक्ट एडवाइजर के साथ मंथन किया।

18 अक्टूबर को झरिया पर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक

कोयला मंत्री जोशी ने झरिया पुनर्वास को लेकर सांसदों के साथ कोयला की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई है। जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे। जो झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र का दौरान कर स्थिति का जायजा लिया है वे भी अपनी बात रख सकेंगे। वैसे इस पर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

जल रहे कोकिंग कोल पर नजर

झरिया की आग में कोकिंग कोल जल रहा है। मौजूदा समय में आग व विस्थापन की समस्या के कारण मेगा प्रोजेक्ट नहीं खुल पा रही है। देश में कोकिंग कोल की मांग बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए कोयला मंत्रालय को कोयला आयत करना पड़ा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पुनर्वास को लेकर गंभीर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झरिया पुनर्वास को लेकर काफी गंभीर है। कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने भी स्वयं कहा कि लगातार वे इस बात की जानकारी ले रहे हैं और उनके दिशा निर्देश पर काम किया जा रहा । इस लिए इस काम में तेजी लाने की दिशा में बेहतर पुनर्वास पर काम होना चाहिए। आग के कारण जानमाल की क्षति न हो पर उनका ध्यान हैं।

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