Dhanbad Weather Report: बादलों की आवाजाही बंद, अब आने लगी हिमालय सर्द हवाएं...रात में ज्यादा लगेगी ठंड

धनबाद के आसमान से होकर बादलों की आवाजाही बंद हो गई है। बादलों की रुखसत के साथ हीअब हिमालय की सर्द हवाओं का अपना रूख इसओर कर लिया है। हिमालय की हवाओं के आने से अब सर्दी बढ़ेगी। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।

Atul SinghPublish:Fri, 05 Nov 2021 01:37 PM (IST) Updated:Fri, 05 Nov 2021 01:37 PM (IST)
Dhanbad Weather Report: बादलों की आवाजाही बंद, अब आने लगी हिमालय सर्द हवाएं...रात में ज्यादा लगेगी ठंड
Dhanbad Weather Report: बादलों की आवाजाही बंद, अब आने लगी हिमालय सर्द हवाएं...रात में ज्यादा लगेगी ठंड

जागरण संवाददाता, धनबाद : धनबाद के आसमान से होकर बादलों की आवाजाही बंद हो गई है। बादलों की रुखसत के साथ हीअब हिमालय की सर्द हवाओं का अपना रूख इसओर कर लिया है। हिमालय की हवाओं के आने से अब सर्दी बढ़ेगी। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम केंद्र रांची ने बताया है कि अगले दो-तीन दिनों में रात के तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आएगी। नवंबर में अगले 15 दिनों का मौसम पूर्वानुमान में यह संभावना जताई गई है कि इस सप्ताह यानी पांच से 11 नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 13 डिग्री पर पहुंच सकता है। इसके बाद 12 से 18 नवंबर के दौरान भी न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री के बीच ही रहेगा। न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का एहसास पहले होगा। अधिकतम तापमान अगले 15 दिनों तक 27 से 31-32 डिग्री के बीच रह सकता है।

इससे पहले अक्टूबर के अंतिम सप्ताह की शुरुआत में भी हल्की ठंड का एहसास होने लगा था। खास तौर पर रात के तापमान में गिरावट आने लगी थी। इस बीच तामिलनाडू में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से बंगाल की खाड़ी के बादल उस ओर जाने लगे। बादलों का ट्रैक धनबाद समेत झारखंड के बड़े हिस्से से ही था। समुद्री गर्म बादलों की आवाजाही में तापतान में थोड़ी बढ़ोतरी हो गई थी। अब साइक्लोनिक सर्कुलेशन केरल होकर श्रीलंका की ओर बढ़ चुका है। बादल हटते ही हिमालय की ठंडी हवाएं अपना वर्चस्व कायम करने लगी हैं। सर्द हवाओं की आवाजाही बढ़ने से ठंड भी बढ़ेगी।

अगले हफ्ते छठ, घाटों पर होगा कंपकपी का एहसास

दिवाली गुजरने के बाद ही अब छठ की तैयारियां शुरू हो गई है। अगले हफ्ते छठ है। छठ के दौरान सर्दी बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। अंतिम दिन यानी उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण के दौरान तड़के घाटों पर जानेवालों को कंपकपी का एहसास होगा। गर्म कपड़े साथ न रखने वालों पर ठंड लगने का खतरा भी मंडराएगा।