Dhanbad: जिले को क्षय रोग से मुक्त करने को प्रशासन ने कसी कमर चला रहा व्यापक जागरूकता अभियान

आपके पास किसी ऐसे व्यक्ति की जानकारी है तो काफी दिनों से खांसी या इसी तरह की अन्य बिमारियों से परेशान है तो आप इस जानकारी को एसीएफ टीम से जरूर साक्षा करें। कुछ इसी तरह का अनुरोध उपायुक्त संदीप सिंह ने जिलेवासियों से किया है।

Atul SinghSun, 19 Sep 2021 09:56 AM (IST)
कुछ इसी तरह का अनुरोध उपायुक्त संदीप सिंह ने जिलेवासियों से किया है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जागरण संवाददाता, धनबाद : आपके पास किसी ऐसे व्यक्ति की जानकारी है तो काफी दिनों से खांसी या इसी तरह की अन्य बिमारियों से परेशान है तो आप इस जानकारी को एसीएफ टीम से जरूर साक्षा करें। कुछ इसी तरह का अनुरोध उपायुक्त संदीप सिंह ने जिलेवासियों से किया है।

उपायुक्त संदीप सिंह ने इसके लिए क्षय रोगियों की पहचान और उनके बारे में जानकारी एकत्रति करनेवाले एक टीम को समाहरणालय से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने इस बिमारी के लाइलाज होने की बात को मिथक बताया।

इसके बाद जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि टीम पूरे जिला में घर घर जाकर क्षय रोगियों से जुड़ी जरूरी आंकड़ा जमा करेगी। इसके अलावा इस बिमारी को लेकर लोगों को जागरूक भी करेगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि यदि किसी व्यक्ति में ट्यूबरक्यूलोसिस (टीबी) जैसे लक्षण है तो वे घर-घर जा रही एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) टीम का सहयोग करें। इससे जुड़ी जानकारी आवश्यक रूप से टीम के साथ साझा करे। जिससे रोग से ग्रसित व्यक्ति का समुचित उपचार हो सके।

उन्होंने कहा इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आगामी 1 नवंबर 2021 तक यह फैक्ट फाइंडिंग टीम विभिन्न प्रखंड और पंचायत तथा जगहों पर जाएगी, जहां पूर्व में टीबी के मरीज मिले हैं। इल इलाकों का भम्रण कर स्वास्थ्य विभाग की एक्टिव केस फाइंडिंग टीम घर-घर जाकर लोगों में टीबी के मरीजों की जानकारी लेगी और उनके उपचार की समुचित व्यवस्था करेगी।

भारत सरकार की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार की पूरी अवधि तक हर माह ₹500 दिया जा रहा है। इसके लिए मरीज को अपना अथवा परिवार के किसी भी सदस्य का बैंक अकाउंट नंबर स्वास्थ्य केंद्र में जमा कराना होगा। जब तक उपचार चलेगा तब तक उसे प्रतिमाह ₹500 की राशि दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में इस अभियान से तेजी आएगी। 2025 तक शून्य मृत्यु के साथ यक्ष्मामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य है। अभियान में जिले की 50 प्रतिशत आबादी की जांच करने का लक्ष्य निर्धारित है।

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