भालजोरिया के मां भवतारिणी काली मंदिर में लाखों की चोरी, बंटवारे में कुख्यात अपराधी की हत्या

संस निरसा भालजोरिया श्मशान घाट स्थित मां भवतारिणी काली मंदिर के समीप खुदिया नदी में क्षेत्र के कुख्यात चोर कमल साव का शव मिला।

JagranTue, 21 Sep 2021 07:17 PM (IST)
भालजोरिया के मां भवतारिणी काली मंदिर में लाखों की चोरी, बंटवारे में कुख्यात अपराधी की हत्या

संस, निरसा : भालजोरिया श्मशान घाट स्थित मां भवतारिणी काली मंदिर के समीप खुदिया नदी में क्षेत्र के कुख्यात चोर भालजोरिया निवासी 42 वर्षीय कमल साव का शव मंगलवार की सुबह मिला। जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में लोग व निरसा थाना के पुलिस अधिकारी व जवान श्मशान काली मंदिर पहुंच गए। वहीं श्मशान घाट स्थित मां भवतारिणी काली मंदिर से मां के सोने के जेवरात व मंदिर में रखा लगभग 10 हजार रुपये भी गायब मिला। पुलिस व स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर से चोरी करने के बाद बंटवारे के क्रम में कमल साव व अन्य चोरों में बहस एवं मारपीट हुई होगी। इसी क्रम में अन्य चोरों ने उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया।

भालजोरिया श्मशान घाट स्थित मां भवतारिणी मंदिर के सेवायत सपन गोराई मंगलवार की सुबह लगभग पांच बजे मंदिर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर की गेट का ग्रिल सटा हुआ है, लेकिन ताला खुला हुआ है। उन्होंने मंदिर में प्रवेश किया तो देखा कि मां की प्रतिमा से तीन सोने के हार, दो सोने का सीता हार व एक सोने की माला,सोने की कान बाली, झुमका व कंगन गायब है। मंदिर के अंदर अलमारी टूटी हुई है और उसमें रखा लगभग नगद 10 हजार रुपया व मां के सोने की चार पीस बिदी भी गायब है। उसके बाद वह मंदिर के अगल-बगल खोजबीन करने लगे तो बगल में निर्माणाधीन शिव मंदिर में खून के छींटे दिखाई दिए। इसके बाद मामले की गहराई से छानबीन शुरू की तो देखा कि खून के धब्बे मंदिर की दीवार के बाहर नदी की ओर भी है। नदी के किनारे जाकर देखा तो वहां एक शव दिखाई दिया। इसके बाद उसने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। ग्रामीण पहुंचे और शव की पहचान भालजोरिया निवासी कुख्यात चोर कमल साव के रूप में की। थोड़ी ही देर में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और भालजोरिया, निरसा व आसपास के लोग मां भवतारिणी मंदिर पहुंचे। मामले की सूचना पाकर निरसा पुलिस भी पहुंची और छानबीन कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा।

कंबल व चादर में लपेटकर नदी में फेंका गया था शव : कमल साव का शव खुदिया नदी में कंबल व चादर से लिपटा हुआ मिला। वहीं शिव मंदिर में मृतक का जींस पैंट, गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाले दो चिलम, माचिस व गांजा चिलम में भरने से पूर्व काटने वाला कटर व लकड़ी का छोटा तख्ता पुलिस ने बरामद किया है। शिव मंदिर परिसर के बरामदे में खून के छींटे व मंदिर के बरामदे से घसीट कर नदी तक ले जाने के निशान भी पुलिस को मिले। मृतक का चप्पल भी शिव मंदिर के बाहर बरामद किया गया। वहीं खुदिया नदी की ओर की दीवार के नीचे मृतक का खून से सना गमछा भी मिला है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कमल की हत्या शिव मंदिर परिसर में पत्थर व ईट से सिर पर प्रहार कर की गई है। उसके बाएं कान, नाक व आसपास पत्थर से प्रहार के जख्म मिले हैं। मृतक का शव जब नदी से निकाला गया तो शरीर सफेद रंग का टी-शर्ट व जांघिया था।

कुख्यात चोर था कमल साव :

कमल साव इलाके का कुख्यात चोर था। उसके ऊपर निरसा थाना के अलावा धनबाद जिले के विभिन्न थानों में चोरी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। इस कारण मृतक के स्वजनों ने लगभग 20 साल पूर्व ही उससे सभी प्रकार का संबंध विच्छेद कर लिया था। वह जेल से छूट कर आता था तो किसी मंदिर या स्कूल या सार्वजनिक स्थान पर रात में रहता था। बीते कुछ दिनों से वह भालजोरिया श्मशान घाट स्थित मां भवतारिणी मंदिर के बगल में निर्माणाधीन शिव मंदिर में शरण लिए हुए था।

आशंका है कि चोरी के माल के बंटवारे को लेकर हुई हत्या :

पुलिस का मानना है कि मंदिर में की गई चोरी के सामान के बंटवारे के दौरान कमला साव एवं अन्य चोरों के बीच विवाद हुआ। विवाद की वजह से उसकी हत्या कर दी गई। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सोमवार की देर रात चोरों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम देने के दौरान कमल मौके पर पहुंच गया होगा तथा साक्ष्य छिपाने के लिए चोरों ने उसकी हत्या कर दी होगी। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

मोबाइल ट्रैकिग से अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास :

पुलिस टेक्निकल सेल की सहायता से अपराधियों तक पहुंचने में जुटी है। सोमवार की देर रात भवतारिणी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में जितने भी मोबाइल नंबर सक्रिय थे, उनका डिटेल्स निकाला जा रहा है।

गंजेड़ी व शराबियों का अड्डा बना श्मशान घाट :

भालजोरिया स्थित श्मशान घाट रात में गंजेड़ी एवं शराबियों का अड्डा बन जाता है। श्मशान घाट होने की वजह से स्थानीय लोग उधर नहीं जाते। रात्रि में श्मशान काली मां भवतारिणी की पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं तथा मंदिर के पुजारी एवं सेवायत अपने अपने घर चले जाते हैं। पुलिस की गश्ती टीम भी रात्रि में उस ओर नहीं जाती। स्थानीय लोगों का मानना है कि रात्रि में श्मशान घाट में अपराधियों का भी जमावड़ा लगता है। पुलिस गश्ती दल यदि रात्रि में आए तो कई वांटेड अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आएंगे।

पहली नजर में मामला चोरी के माल के बंटवारे को लेकर हुई हत्या का प्रतीत हो रहा है। कमल साव का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस प्रत्येक बिदु पर जांच कर रही है।

सुभाष कुमार सिह, निरसा थाना प्रभारी।

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