रामकृष्ण मिशन के संत बोले-स्कूली के साथ पारिवारिक व नैतिक शिक्षा भी आवश्यक

धनबाद लैंगिक समानता प्रकृति के प्रति प्रेम और स्वरोजगार आदि को अपनाकर ही सम्यक शिक्षा प्रदान की जा सकती है।

JagranSun, 19 Sep 2021 05:51 PM (IST)
रामकृष्ण मिशन के संत बोले-स्कूली के साथ पारिवारिक व नैतिक शिक्षा भी आवश्यक

धनबाद : लैंगिक समानता, प्रकृति के प्रति प्रेम और स्वरोजगार आदि को अपनाकर ही सम्यक शिक्षा प्रदान की जा सकती है। यह बातें रामकृष्ण विवेकानंद सोसायटी द्वारा रविवार को द्वितीय आध्यात्मिक शिविर के दौरान वक्ताओं ने कही। कार्यक्रम में रामकृष्ण मिशन रांची केंद्र के स्वामी भावेशानंद जी महाराज और स्वामी योगदिशानंद जी महाराज शामिल हुए थे। आध्यात्मिक शिविर का मुख्य विषय नया भारत गढ़ों था। योगदिशानंद जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद और स्वामी रामकृष्ण परमहंस देव की शिक्षाओं के बारे में सभी को अवगत कराया और कहा कि इनके विचारों का हम जितना अधिक चितन करेंगे, हमारा जीवन उतना ही खिलेगा।

पूर्व उप प्रधानाचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल शर्मिला सिन्हा ने नया भारत गढ़ों विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि 21 वीं सदी के भारत के लिए शिक्षा व्यवस्था कैसी होनी चाहिए, उन में किन-किन तत्वों का समावेश किया जाना चाहिए। चेतना महाविद्यालय, सहराज के शैलेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा के अनुसार जीव सेवा ही ईश्वर सेवा है और जब तक समाज में पिछड़े, दलितों, आदिवासियों को उचित शिक्षा नहीं प्रदान की जाएगी, तब तक समाज में समानता लाना संभव नहीं है।

रामकृष्ण विवेकानंद सोसायटी के संयुक्त सचिव विकेश सिंह ने कहा कि नया भारत गढ़ने के लिए हम सभी को बदलना होगा। इस बदलाव के लिए सर्वप्रथम हमें अपने भीतर के दोष को दूर करना बहुत आवश्यक है। आध्यात्मिक शिविर के मौके पर अध्यक्षीय संबोधन करते हुए स्वामी भावेशानंद जी महाराज ने कहा कि पूरी दुनिया को जगाने के लिए भारत को जगाना आवश्यक है और भारत को जगाने के लिए भारत भर में शिक्षा का अभियान आंदोलन के स्तर पर चलाना होगा। स्कूली शिक्षा के साथ ही पारिवारिक शिक्षा और नैतिक शिक्षा को भी समान महत्व देना होगा।

कार्यक्रम के अंत में कल्पना चटर्जी, सचिव, शारदा संघ ने धन्यवाद ज्ञापन किया। स्वागत वक्तव्य रामकृष्ण विवेकानंद सोसायटी धनबाद के अध्यक्ष अमलेंदु सिन्हा द्वारा दिया गया। मौके पर विजय सिन्हा, मानस चक्रवर्ती, तरुण गोस्वामी, शुभेंदु चक्रवर्ती, डा. अजय श्रीवास्तव, जयदेव मित्र, अमित कुमार सचिव इंडियन योग एसोसिएशन मौजूद थे।

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