Remdesivir Crisis Politics में धनबाद के सांसद पीएन सिंह भी कूदे, झारखंड के संकट पर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान खींचा

भाजपा सांसद पीएन सिंह ( फाइल फोटो)।

कोरोना मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। झारखंड में रेमडेसिविर की कमी है। इसे लेकर राजनीति चरम पर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय मंत्री सदानंद गाैडा को पत्र लिखकर बांग्लादेश से रेमडेसिविर आयात करने की मांग की है।

MritunjayMon, 19 Apr 2021 12:43 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन। कोरोना मरीजों ( Coronavirus Infected Paitents) के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन ( Remdesivir injection) की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। इस कारण इसकी मांग अचानक बढ़ गई है। बाजार में इसकी कालाबाजारी हो रही है। संकट को देखते हुए राजनीति भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को पत्र लिखकर बांग्लादेश से इंजेक्शन आयात करने की अनुमति मांगी है तो दूसरी तरफ रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन को ट्वीट कर झारखंड को रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। इस मोर्चे पर झारखंड के सभी भाजपा सांसद सक्रिय हो गए हैं। झारखंड प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष धनबाद के सांसद पीएन सिंह ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को इंजेक्शन के लिए पत्र लिखा है। 

झारखंड में रेमडेसिविर की कमी

सांसद पीएन सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करने की मांग की है। पत्र में सांसद ने कहा है कि इस इंजेक्शन की कोरोना बीमारी के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। लेकिन झारखंड और धनबाद में इसकी काफी कमी है। ऐसे में कालाबाजारी की भी शिकायतें आ रही हैं। अतः यहां के अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में रेमदेसीविर इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

सांसद ने झारखंंड के स्वास्थ्य मंत्री को भी लिखा पत्र

सांसद ने रविवार को ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी पत्र लिखा था। उनसे धनबाद में रेमदेसीविर इंजेक्शन की आपूर्ति करने, निजी अस्पतालों को इलाज की इजाजत देने और कोरोना जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की थी। सांसद ने कहा था कि सिर्फ पीएमसीएच और केंद्रीय अस्पताल में कोरोना का इलाज होने की वजह से लोगों को सीटें नहीं मिल रही हैं और वह छटपटा कर मर रहे हैं। अस्पतालों में जहां इलाज हो रही है वहां रेमडेसिविर  इंजेक्शन नहीं है और अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से पहले आरटी पीसीआर का प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। यह नहीं होने पर भर्ती नहीं लिया जा रहा है और सामान्य मरीज भी बेमौत मर रहे हैं। इसकी तत्काल व्यवस्था की जाए। यह अलग बात है कि शाम तक स्थिति पूरी तरह बदल गई। निजी अस्पतालों को इलाज की सुविधा दे दी गई और रैपिड एंटीजन वह अन्य संसाधनों से भी कोरोना की जांच व्यापक स्तर पर धनबाद में शुरू की गई है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की अनुपलब्धता धनबाद जिले में आज भी बरकरार है। उपायुक्त ने साफ अपील की है कि किसी को अगर रेमडेसिविर की कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सीधे उन्हें सूचित करें। तत्काल कार्यवाही होगी।

 

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