Weekly News Roundup Dhanbad: खड़े-खड़े बड़े साहब को बेच रहा था सिपाही, भांडा फूटा तो मिली यह सजा

कार्रवाई के बाद परेशान सिपाही ( प्रतीकात्मक फोटो)।

एएसपी मनोज स्वर्गीयारी तीन माह के आइपीएस ट्रेनिंग के बाद धनबाद लौटे। आते ही फार्म में दिखे। अवैध कोयला चोरों के खिलाफ रात और दिन छापामारी शुरू की। बैंक मोड़ से लेकर स्टील गेट तक सुबह चार बजे ही कोयला चोरों को पकड़ा। रात में भी शहर में निकले।

MritunjaySat, 15 May 2021 01:50 PM (IST)

धनबाद [ बलवंत कुमार ]। इन दिनों पुलिस विभाग की एक सिपाही जीतू की बहुत चर्चा है। फिलहाल तो विभाग की मुख्य धारा से दूर हैं, लेकिन जब साहब के पास थे तो काफी तूती बोलती थी। तूती तो अब भी है, लेकिन अब सिफारिशों और चुगली को लेकर। खैर, बात उन दिनों की है। साहब की दरबानी करते हुए जीतू ने कमाई का नया तरीका अपनाया। बड़े कोयला चोरों को साहब से रूबरू कराने का। चोरों को कहते साहब ने बुलाया है और साहब को समझाते कुछ लोग मिलने आए हैं। काम चल पड़ा था। साइब आइपीएस, सो शक हुआ। अचानक इतने लोग मिलने आते हैं। पूछताछ की तो पता चला कि एक मुलाकात का दस हजार रुपये सेट थे। सो अपनी दरबानी से हटा दिया। जीतू कहां जाते। फिर नया तरीका खोजा। टीकियापाड़ा के गेसिंग बाजों से सांठ-गांठ की। अब बड़े वाले साहब के पास भीड़ गए सिफारीश लेकर। पर दाल नहीं गल रही।

एमओ की निगरानी

बात भूली की है। एक दिन आपूर्ति विभाग के एमओ साहब भूली के पीडीएस दुकान पर पहुंचे। राशन का स्टॉक जांच किया और वहीं जम गए। चाय पानी की खातीरदारी होने के बाद एमओ साहब ने पीडीएस वाले को कहा, जाओ यहां के सबसे बड़े राशन दुकानदार को बुला लाओ। आदेश का पालन हुआ। बड़े राशन दुकानदारों को पीडीएस वाले ने खबर पहुंचा दी। खबर सुन दो दुकानदार चले आए। एमओ ने फरमाया, आला कमान का फरमान है। राशन का स्टॉक चेक करना है। खबर इन दुकानदारों के लिए अच्छी नहीं थी। सरकारी आदेश भी उनके हाथ में थमा दिया गया था। सो दुकानदार बेचारे सकपका गए। फिर पीडीएस वाले ने अपने यहां से ही स्टॉक का मिलान शुरू किया। यह गजब की व्यवस्था थी। एक के बाद एक स्टॉक मिलान भी हुआ। एमओ साहब खुश भी हो गए और कहीं कोई गड़बड़ी भी नहीं मिली।

गोपियों संग रण वीर

श्रीकृष्ण भगवान का गोपियों संग रास लीला भक्ति रस का उच्च उदाहरण है। भक्ति भी ऐसी जहां न कोई स्वार्थ था। इन दिनों धनबाद में भी गोपियों संग एक छोटी सी प्रेम कथा चल रही है। इस प्रेम में रण वीर मताए हुए हैं। इस कथा के कई रंग भी हैं। कहानी पूरी फिल्मी है। पटकथा अनुराग कश्यप की ब्लॉक बस्टर फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से उठायी गई है। हत्या, धमकी, रंगदारी, जमीन का अवैध कारोबार, रेलवे रैक लोडिंग, मकान-दुकान निर्माण हो या फिर स्कूल चलाने तक में वसूली। सब आंखों के सामने। इन गोपियों की भक्ति में अपने रण बांकुरे पूरे मदमस्त। गोपियों की काली करतूतें नजर नहीं आ रही। पिछली बार फरवरी में जब हत्या हुई तो रण वीर इन गोपियों के पक्ष में थे। लोगों के दबाव और एसएसपी की फटकार खूब पड़ी थी, पर आदत कहां सुधरने वाली है। यहां तो स्वार्थपूर्ण प्रेम है।

क्लीनचीट थ्रु भूली रूट

एएसपी मनोज स्वर्गीयारी तीन माह के आइपीएस ट्रेनिंग के बाद धनबाद लौटे। आते ही फार्म में दिखे। अवैध कोयला चोरों के खिलाफ रात और दिन छापामारी शुरू की। बैंक मोड़ से लेकर स्टील गेट तक सुबह चार बजे ही कोयला चोरों को पकड़ा। रात में भी शहर में निकले। परिणाम हुआ कि मुख्य सड़क से कोयला जाना बंद हो गया। ऐसा नहीं की कोयला चोरी रूकी। कोयला चोरों ने एक चोर रास्ता भी खोज निकाला। एएसपी तो मानने वाले नहीं थे, सो नया रास्ता भूली होकर जीटी रोड़ तक माल पहुंचाने का निकाला गया है। अब भी साइकिलें तो निकल रही हैं, लेकिन गडेरिया, बसेरिया, गोंदूडीह होते हुए भूली। यहां से बाइपास और ग्रामीण सड़कों के रास्ते जीटी रोड़ के उन भठ्ठों तक जो चोरी का कोयला खपाते हैं। बात है कि इस रूट पर पुलिस है या नहीं। जरुर है, लेकिन पासिंग मिला हुआ है।

 

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