कोयलांचल के धीरज बने निर्देशक, आलिंगन का टीजर पोस्टर रिलीज...नवंबर में सिनेमाघर के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी फिल्म

कोरोना काल में इंटरनेट मीडिया का प्रभाव बढ़ गया है। इसको देखते हुए हिंदी फिल्म आलिंगन का टीजर पोस्टर इंटरनेट मीडिया पर रिलीज किया गया है। नए कलाकारों से सजी यह फ़िल्म नवंबर में सिनेमाघरों के साथ ओटीटी पर भी रिलीज होगी।

Atul SinghWed, 15 Sep 2021 05:34 PM (IST)
कोरोना काल में इंटरनेट मीडिया का प्रभाव बढ़ गया है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जागरण संवाददाता, धनबाद: कोरोना काल में इंटरनेट मीडिया का प्रभाव बढ़ गया है। इसको देखते हुए हिंदी फिल्म आलिंगन का टीजर पोस्टर इंटरनेट मीडिया पर रिलीज किया गया है। नए कलाकारों से सजी यह फ़िल्म नवंबर में सिनेमाघरों के साथ ओटीटी पर भी रिलीज होगी। फ़िल्म के निर्देशक धीरज मिश्रा हैं और पटकथा लेखन का काम यशोमति देवी ने किया है। धीरज झरिया से हैं और ये इनकी निर्देशक के तौर पर पहली हिंदी फिल्म है। इससे पहले धीरज फ़िल्म जय जवान जय किसान, चापेकर ब्रदर्स जैसी फिल्में कर चुके हैं। फ़िल्म एक ऐसे लड़के की कहानी जिसमें वो एक यात्रा पर निकलता हैं और उसे अलग अलग लोग मिलते हैं।

फ़िल्म का निर्माण ग्रांड नेशनल मूवीज के तहत किया गया है। कलाकारों की बात करें तो मुख्य भूमिका तुषार पुरवार हैं और उनका साथ दे रहे हैं दिग्गज कलाकार अनिल रस्तोगी, अखिलेश जैन, विवेक आंनद मिश्रा, प्रशांत राय, प्रीति चेस्टा, हिरल आचार्य, राहुल राजपूत, मंजेश पांडेय, पपैया और ज़ोया खान हैं। फ़िल्म के कार्यकारी निर्माता अविनाश कुमार हैं। लाइन प्रोड्यूसर शालिनी सिंह, सत्यप्रकाश शुक्ला और राजा मज़ीद हैं। फ़िल्म की शूटिंग प्रयागराज, मिर्जापुर, आगरा, मथुरा और भद्रवाह कश्मीर में हुई है।

धीरज मिश्रा को झरिया की आग ने पहचान दिलाई थी। झरिया की भूमिगत आग की समस्या पर छपी एक लेख ने धीरज मिश्रा को मुंबई पहुंचाया। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित जय जवान, जय किसान हिंदी फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर बाॅलीवुड में कदम रखा। इसमें ओम पुरी, प्रेम चोपड़ा और रति अग्निहोत्री जैसे कलाकार थे। इसके बाद महान क्रांतिकारी चापेकर ब्रदर्स, गालिब और दीनदयाल-एक युग पुरुष जैसी फिल्मों का स्क्रिप्ट लिखा। दीनदयाल-एक युग पुरुष में धारावाहिक रामायण में सीता की भूमिका निभानेवाली दीपिका और अनिता राज ने भूमिका निभाई। धीरज को पहली पहचान उपन्यास पतझड़ और बहार से मिली। इसे धीरज ने झरिया में ही लिखा। इंदिरा नाटक ने धीरज को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरज की पत्नी यशोमति भी लेखिका हैं।

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