Jharkhand Unlock 4.0: अबकी विस्तारित स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में कोई राहत नहीं, सबने लगा रखी थी उम्मीद

Jharkhand Unlcok 4.0 कोचिंग शिक्षकों की स्थिति भयावह है। गत वर्ष यानी 25 मार्च 2020 से ही झारखंड में कोचिंग क्लास की अनुमति नहींं है। कोचिंग शिक्षक भूखे मर रहे हैं। वह चाहते थे कि सरकार कोचिंग क्लास शुरू करने की अनुमति दे।

MritunjayTue, 22 Jun 2021 09:38 AM (IST)
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ( फाइल फोटो)।

धनबाद, जेएनएन। झारखंड में और एक सप्ताह के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह ( Jharkhand Lockdown/ Jharkhand Unlock 4.0) बढ़ा दिया गया है। इस विस्तारित स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की अवधि 24 जून की सुबह 6 बजे से 1 जुलाई की सुबह 6 बजे तक रहेगी। इस बाबत झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बुधवार को आदेश जारी किया। इस आदेश से धनबाद के बस मालिकों, दुकानदारों, निजी स्कूल मालिकों और कोचिंग संचालकों को निराशा हाथ लगी है। वे छूट चाहते थे।

बस मालिकः बस मालिक चालते हैं कि बस परिचालन की अनुमति दी जाय। लॉकडाउन के कारण बसें खड़ी हैं। बस मालिकों की मजबूरी कुछ ज्यादा ही है। बैंकों का ऋण देना है। परिवहन विभाग ने भी रोड टैक्स के लिए दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे वह चाहते हैं कि अब झारखंड में बस परिचालन की अनुमित मिले। 

दुकानदारः झारखंड में फिलहाल 8 बजे से 4 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। दुकानदारों का कहना है कि खरीदारी का समय शाम का होता है। इसलिए कम से कम शाम 6 बजे तक दुकान का समय बढ़ाया जाया। 

कोचिंग शिक्षकः कोचिंग शिक्षकों की स्थिति भयावह है। गत वर्ष यानी 25 मार्च, 2020 से ही झारखंड में कोचिंग क्लास की अनुमति नहींं है। कोचिंग शिक्षक भूखे मर रहे हैं। वह चाहते हैं कि सरकार कोचिंग क्लास शुरू करने की अनुमति दे।  

कब-कब लगा मिनी लॉकडाउन ( स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) पहली बार 22 से 29 अप्रैल, 2021 तक लगाया गया था मिनी लॉकडाउन दूसरी बार 30 अप्रैल से 5 मई, 2021 तक था लागू तीसरी बार 6 मई से 13 मई, 2021 तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह चौथी बार स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह 14 मई से 27 मई तक रहा. पांचवीं बार 27 मई से 3 जून, 2021 तक झारखंड अनलॉक 1.0 तीन जून से 10 जून तक झारखंड अनलॉक 2.0 दस जून से 17 जून तक झारखंड अनलॉक 3.0 सत्रह जून से 24 जून तक झारखंड अनलॉक 4.0 चाैबीस जून से 1 जुलाई तक

कोचिंग संस्थान ऑनलाइन क्लास के लिए इंटरनेट का खर्च भी नहीं उठा पा रहे

कोविड की सबसे अधिक मार कोचिंग संस्थानों पर पड़ी है। कई कोचिंग संस्थान तो बंद भी हो गए और कई बंद होने की कगार पर हैं। कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष सह धनबाद कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह बताते हैं कि 18 महीने होने को हैं। कोचिंग संस्थान बुरी तरह से आर्थिक समस्या झेल रहे है। यह एक बहुत ही गंभीर विषय है, जिसे लगभग सभी राज्य व केंद्र सरकार ने नजरअंदाज किया है। पिछले लॉकडाउन से लेकर अभी तक कोचिंग सेंटरों को खोलने की अनुमति नहीं दी गयी है। ये सही बात है कि बच्चों की सुरक्षा को सरकार ज्यादा महत्त्व देती है। साथ ही इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता जो लोग केवल कोचिंग के सहारे अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे, वो आज अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं। ऐसे ज्यादातर मध्यवर्ग व निम्न मध्यवर्ग के लोग हैं। इनका जीवन वैसे भी किसी तरह से चलता था, मगर लॉकडाउन के कारण अब भुखमरी की स्थिति होने लगी है।

मॉल खोला जा सकता तो कोचिंग सेंटर क्यों नहीं?

घर का राशन, दवा, घर का किराया, कोचिंग का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, किताब कॉपी, ऑनलाइन क्लास के लिए नेट पैक का रिचार्ज इस प्रकार के कई जरुरी खर्च है। यह हर महीने होना ही होना है। ऐसे में जब कमाई का कोई जरिया न हो और खर्च को रोका न जा सके तो एक साधारण व्यक्ति क्या करेगा। कृपया कर इस समस्या का कोई समाधान करें। जब बाजार और मॉल खोला जा सकता है जहां कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन भी सही ढंग से नहीं होता है तो फिर कोचिंग क्यों नहीं खोला जा सकता।

झारखंड की सरकार से यह पूछना चाहता हूं कि प्रदेश में जब मॉल खुल सकता है, सैलून खुल सकता है तो फिर कोचिंग या संस्थान क्यों नहीं खुल सकता है।

- विनय शर्मा, एसेल स्पोकन इंग्लिश बैंक मोड़

अब कोचिंग संस्थान बहुत अधिक आर्थिक बोझ नहीं सहन कर पाएंगे। लगभग डेढ़ साल होने को है। कोचिंग पूरी तरह से बंद है। ऑनलाइन क्लासेस में 50 फीसद से ज्यादा छात्र फीस भी नहीं जमा कर रहे हैं। ऑनलाइन क्लास भी सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। कोविड नियमों का पालन करते हुए कोचिंग संस्थानों को खोल देना चाहिए। सरकार से गुजारिश है इस पर ध्यान दें।

- मनोज तिवारी, सर्कल आईआईटी

कोरोना की दूसरी लहर में भयावहता बहुत अधिक रही, बावजूद इसके जब सारी चीजें अनलॉक हो रही तो कोचिंग संस्थान भी कोविड प्रोटोकॉल के साथ क्यों न खुले। 18 प्लस के लिए जरूर खगोल देना चाहिए। छात्र जिनको मेडिकल-इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा देनी है वो हताश व निराश हैं। अपनी तैयारी को लेकर समय भी कम है, ऐसे प्रतियोगी छात्रों को ध्यान में रखते हुए सरकार से पॉजिटिव निर्णय की उम्मीद की जा रही है। बिहार में जुलाई से सीनियर छात्रों की कक्षाएं शुरू होने की बातें हो रही है।

- केडी प्रसाद, आईआईटी कैंपस

जिस प्रकार झारखंड के सभी क्षेत्रों को धीरे धीरे खोला जा रहा है उसी प्रकार छात्रों को ध्यान में रखते हुए कोचिंग को भी अति शीघ्र खोलना चाहिए। यहां के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके तथा प्राइवेट शिक्षक का घर परिवार किसी तरह चल सके।

- विकास तिवारी, कैरियर डॉट कॉम

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