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Corona Death के आंकड़ों में घालमेल, बोकारो में 4 दिन में सरकारी रिकार्ड में 12 की मौत, श्मशान में जले 125 शव

बोकारो में कोरोना से माैत ( फाइल फोटो)।

बोकारो में कोरोना संक्रमण कहर ढा रहा है। यहां हर रोज माैत हो रही है। श्मशान घाट माैत की कहानी बयां कर रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन का आंकड़ा कुछ और ही कहता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना से माैत छुपाया जा रहा ?

MritunjayFri, 30 Apr 2021 02:57 PM (IST)

बोकारो, जेएनएन। बोकारो जिला प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना प्रबंधन में सब कोई खेल कर रहा है। कुछ अधिकारी दिन रात लगे हुए तो कुछ मस्ती में हैं। इन सबसे अलग बोकारो के निजी अस्पताल, दवा दुकानदार, एंबुलेंस संचालक से लेकर अन्य लोग आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं। यहां सबकुछ मैनेज हो रहा है। निजी अस्पतालों की हालत तो यह हो गई है कि यहां सबकुछ मैनेज हो रहा है। यहां तक लोगों की मौत के कारण को भी मैनेज कर रहे हैं। केवल पैसा दीजिए कुछ भी मैनेज हो जाएगा। मौत कोरोना से होगी, रिपोर्ट हार्ट अटैक का लिखा जाएगा। इसके लिए सरकार का सिस्टम कम जिम्मेदार नहीं है। पर चास श्मशान घाट जो कि बोकारो उपायुक्त कार्यालय के सामने इस ढिले-ढाले तंत्र की गवाही दे रहा है। 

29 दिनों में 400 से अधिक अंतिम संस्कार

कहने के लिए तो हर दिन दो और तीन मौत दिखाया जा रहा है। पर अकेले चास के श्मशान में 29 दिन में 400 से अधिक शव का अंतिम संस्कार हुआ है, यहां आने वाले सभी हिन्दू थे, अन्य समुदाय के लोगों की गिनती उनके आबादी के हिसाब से अलग है। पर पूरा सिस्टम कह रहा है कि ऑल इज वेल। डी साहब, यहां बहुत कुछ गड़बड़ है। यही नहीं 26 से 29 तक एक प्रखंड के एक हिन्दू श्मशान में 125 शव का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें स्वजनों ने 40 लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि की। पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने जो रिपोर्ट दिया उसके अनुसार कोरोना से मौत मात्र 15 मौत दिखाया गया। अब शव की गिनती भी जब गड़बड़ हो रही है तो सिस्टम की खामी को समझना मुश्किल नहीं है।

कोरोना के नाम पर डराकर वसूल रहे हैं पैसा

बोकारो में निजी अस्पताल के लिए बेड से लेकर सबकुछ का दर निर्धारित है। पर मनमाने ढंग से मरीज के स्वजनों से पैसे की वसूली तो ही रही है। मरने के बाद ही उनका दोहन करने से अस्पताल बाज नहीं आ रहे हैं। चूंकि यहां सबकुछ मैनेज है। 330 अस्पताल का पंजीकरण कराया गया। पर आधा दर्जन अस्पताल को छोड दिया जाय तो उनके प्रबंधक मेडिकल का एम नहीं जानते, केवल लाइजनिंग के आधार पर काम कर रहे हैं। कुछ राज्य सरकार के चिकित्सक, कुछ बीजीएच, कुछ इएसआइसी के चिकित्सकों को ऑन कॉल बुलाकार लोगों को इस माहामारी के दौरान लूटने में लगे हुए है।

श्मशान में लकड़ी का है आभाव है

चास श्मशान में शव जलाने वालों की संख्या बढ़ने के बाद लकड़ी की किल्लत हो गई। इसके बाद एसडीएम शशि प्रकाश सिंह ने संपर्क कर बेाकारो के मोहन टिंबर, वेदांता से लकड़ी का इंतजाम कराया। लकड़ी की निगरानी करने वाले वन विभाग उपाय नहीं कर पा रहा है।

अप्रैल में कुल : 400 माैत

       चास कालीघाट के श्मशान के आंकड़े

दिन     कुल मौत   कोरोना से मौत 26 अप्रैल    24           10 27 अप्रैल    33           11 28 अप्रैल    37            12 29. अप्रैल   34             7

जिला प्रशासन के आंकड़े

कोरोना पॉजिटिव        माैत 309                          2 275                         3 317                         3 517                         7

 

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