डीसी साहब, आमझर कोविड-19 श्मशान में रुपये लेकर किए जा रहे शवों के अंतिम संस्कार

डीसी साहब, आमझर कोविड-19 श्मशान में रुपये लेकर किए जा रहे शवों के अंतिम संस्कार

जासं झरिया-बलियापुर वैश्विक महामारी कोरोना काल में वायरस से संक्रमित लोगों के शवों के

JagranSun, 09 May 2021 09:04 PM (IST)

जासं, झरिया-बलियापुर : वैश्विक महामारी कोरोना काल में वायरस से संक्रमित लोगों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन के बलियापुर आमझर स्थित कोविड-19 श्मशान घाट में रुपये लेने का धंधा जारी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में यह सब हो रहा है। बावजूद इसके अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। ऐसे में डीसी उमाशंकर सिंह की भी बदनामी हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति लोगों में काफी आक्रोश है। पिछले कई माह से आमझर श्मशान घाट में नगर निगम के कुछ सफाईकर्मियों की ओर से पांच से 11 हजार रुपये लेकर ठेका पर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। ये सफाई कर्मी एसएनएमएमसीएच के हैं। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी है। रविवार को दैनिक जागरण के दिवंगत पत्रकार पुटकी निवासी विजय रजक के अंतिम संस्कार के लिए भी सफाई कर्मियों से पांच हजार रुपये लिए गए। इसके पूर्व भी यहां कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए आनेवाले मृतक के स्वजनों से पांच से 11 हजार रुपये सफाई कर्मियों की ओर से लिए जाते रहे हैं।

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बलियापुर के बीडीओ ने कहा, हम नहीं हैं कोविड-19 श्मशान आमझर के प्रभारी

दैनिक जागरण के पत्रकार विजय रजक के अंतिम संस्कार के लिए सफाई कर्मियों की ओर से लिए गए पांच हजार रुपये की शिकायत करने पर बलियापुर के बीडीओ सह इंसिडेंट कमांडर रतन कुमार सिंह ने कहा कि हम आमझर श्मशान के प्रभारी नहीं हैं। सारी व्यवस्था डीसी के निर्देश पर एसडीओ की ओर से गठित टीम करती है। एसएनएमएमसीएच की टीम कोरोना संक्रमित शवों का निश्शुल्क अंतिम संस्कार कराती है। शवों के अंतिम संस्कार में मेरी कोई भूमिका नहीं है। लोगों को रुपये नहीं देने चाहिए। कोरोना संक्रमित मृतक परिवार से रुपये लेने के मामले की जानकारी एसडीओ को देंगे।

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आमझर कोविड-19 अस्पताल में ध्वस्त है सरकारी व्यवस्था

जिला प्रशासन की ओर से आमझर में कोविड-19 श्मशान घाट तो वर्ष 2020 में बना दिया गया, लेकिन यहां सरकारी व लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों के काफी विरोध के बाद प्रशासन ने यहां श्मशान बनाया। आश्चर्य की बात है कि श्मशान में कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार की देखरेख करने के लिए स्थानीय किसी अधिकारी को नहीं रखा गया है। धनबाद की टीम ही खानापूर्ति के लिए है। इसलिए यहां अराजक स्थिति बनी है। सफाई कर्मी मृतकों के परिवार से पांच से 11 हजार लिए बिना शव का अंतिम संस्कार नहीं करते हैं। बिजली, पानी, शेड की कोई व्यवस्था नहीं है। निगम के सफाई कर्मी रुपये लेकर शव का जैसे-तैसे संस्कार कर चल देते हैं।

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कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत होने पर शव का अंतिम संस्कार कोविड-19 श्मशान आमझर में प्रशासनिक स्तर पर किया जाता है। इसके लिए जिला में दो टीम बनी है। वहीं सारा इंतजाम कराती है।

- रतन कुमार सिंह, बीडीओ सह इंसिडेंट कमांडर बलियापुर।

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