पानी के लिए शुरू हुआ एक और भागीरथी प्रयास, मैथन डैम के बाद दामोदर से होगी जलापूर्ति Dhanbad News

धनबाद, जेएनएन। धनबाद शहर की प्यास बुझाने के लिए एक और भागीरथी प्रयास हो रहा है। डेढ़ दशक पहले भागीरथी प्रयास से ही धनबाद शहर से 45 किमो दूर बराकर नदी पर स्थित मैथन डैम से जलापूर्ति शुरू की गई। मैथन का पानी अब कम पड़ रहा है। इसे देखते हुए अब दामोदर नदी से पानी लाने की कवायद शुरू की गई है।

बता दें कि शहर की साढ़े तीन लाख आबादी को मैथन डैम से जलापूर्ति की जाती है, लेकिन मैथन का पानी कम पड़ने लगा है। रोज औसतन चार-पांच जलमीनारों में जलापूर्ति बाकी रह जा रही है, जिसे दामोदर नदी से पूर्ति करने की तैयारी चल रही है। दामोदर नदी से पानी लेकर बाकी के जलमीनारों में जलापूर्ति की जाएगी। दरअसल भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पाइप लाइन से मैथन डैम का पानी पहुंचता है, जिसे फिल्टर कर शहर के 19 जलमीनारों में पहुंचाया जाता है। इसी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में अलग से 1.05 मीलियन लीटर डे क्षमता का संप बनाया गया है, जो जेएनएनयूआरएम धनबाद शहरी जलापूर्ति योजना से जुड़ा है। इस योजना से दामोदर नदी से जलापूर्ति की जाएगी। जामाडोबा में 143 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना है।

भेलाटांड़ में जेएनएनयूआरएम जलापूर्ति योजना से निर्मित संप में जामाडोबा से पानी पहुंचेगा। इससे धनबाद शहर के लिए भी पानी लिया जाएगा। भेलाटांड़ में जोड़ा जाएगा संप भेलाटांड़ में जेएनएनएयूआरएम से निर्मित निर्मित संप को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। धनबाद शहर में जलापूर्ति की समस्या सुलझाने के लिए पेयजल विभाग ने संप को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस साल के अंत तक प्लांट से संप को जोड़ने की संभावना है। संप से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त पानी को शहर में सप्लाई किया जाएगा। अगले महीना से जामाडोबा से चालू हो जाएगी जलापूर्ति जेएनएयूआरएम धनबाद शहरी जलापूर्ति योजना नवंबर के अंत तक पूर्ण रूप से चालू हो जाएगी। इसके बाद जामाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से दामोदर का पानी 31 जलमीनारों में सप्लाई किया जाएगा। अभी निरंकारी चौक तक के जलमीनारों की टेस्टिंग हो गई है। दामोदरपुर, सबलपुर व भेलाटांड़ जलमीनार की टेस्टिंग बाकी है, जो नंवबर तक पूरी कर ली जाएगी।

भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जेएनएनयूआरएम धनबाद शहरी जलापूर्ति योजना के तहत निर्मित संप को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। संप से पानी लेकर शहर के जलमीनारों में जलापूर्ति की जाएगी।

-राहुल प्रियदर्शी, एसडीओ, पेयजल विभाग

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.