Jamtara के डिजिटल डकैतों ने बदला अपना काम करने का तरीका, लोकेशन छुपाने के लिए बार-बार बदल रहे हथियार

Jamtara Cyber Criminals जामताड़ा के एसपी दीपक सिन्हा का मानना है कि साइबर क्राइम झारखंड के लिए बड़ी चुनौती रही है। जामताड़ा को इसका गढ़ माना जाता है। साइबर अपराधियों को मनोबल तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को सफलता भी मिल रही है।

MritunjaySun, 13 Jun 2021 08:52 AM (IST)
जामताड़ा के साइबर ठग ( प्रतीकात्मक फोटो)।

जामताड़ा, जेएनएन। Jamtara Cyber Criminals कोरोना कॉल और लॉकडाउन में भी झारखंड के जामताड़ा जिले के डिजिटल डकैत यानी साइबर अपराधी पूरी तरह से एक्टिव हैं। इन्हें पकड़ने के लिए देशभर की पुलिस जामताड़ा जिले का चक्कर लगाती रहती है। इससे बचने के लिए ये आए दिन कोई न कोई तोड़ निकाल लेते हैं। देश के किसी भी हिस्से में स्थिति किसी बैंक ग्राहक के खाते से रुपये उड़ाने का इनका हथियार मोबाइल फोन और सिम होता है। मोबाइल सिम के सहारे ही पुलिस साइबर अपराधियों तक पहुंचती है। अब इससे बचने के लिए साइबर अपराधी बार-बार अपना सिम कार्ड बदल रहे हैं। इसका खुलासा जामताड़ा पुलिस की जांच में हुआ है।

सिम बदल कर छुपा रहे लोकेशन 

जामताड़ा के साइबर अपराधी ठगी की घटना को अंजाम सिम बदल-बदल कर दे रहे हैं। अब ऐसे अपराधी भले एक ही जगह एक समय में गोलबंद होकर दूसरे बैंक धारकों के रुपये उड़ाने को मोबाइल से कॉल कर उन्हें फंसाते हैं, इस दौरान भी वे दो-चार कॉल करने के बाद अपना सिम बदलकर फिर दूसरे को झांसा देने में लग जाते हैं। ऐसा अपराधी अपने लोकेशन को छुपाने तथा शीघ्र पुलिस की पहुंच उस स्थल तक नहीं होने की वजह से कर रहे हैं। यह खुलासा गुरुवार को करमाटांड़ के रामपुर-माधोपुर से नौ साइबर आरोपितों की गिरफ्तारी से हुई। साइबर डीएसपी नजरूल होदा व साइबर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर हरेंद्र राय के नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। 

दबोचे गए नाै अपराधी

एसपी दीपक सिन्हा ने बताया कि साइबर अपराध नियंत्रण को पुलिस प्रभावित इलाकों में नियमित छापेमारी अभियान चला रही है। साइबर अपराध का खात्मा प्राथमिकता है। सूचना मिली थी कि करमाटांड़ के रामपुर-माधोपुर गांव में कई युवक लंबे समय से ठगी के अपराध में लिप्त हैं। इसी पर गांव में छापेमारी की गई तो वहां बास्की राय के घर के पीछे गोलबंद होकर साइबर अपराधी दूसरे बैंक खाता धारक को मोबाइल फोन से झांसा देने में जुटे थे। वे खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनके खातों व एटीएम की गोपनीय नंबर लेने का प्रयास कर रहे थे ताकि उनके रुपये आनलाइन उड़ाया जा सके। इसी दौरान घेराबंदी कर सभी नौ अपराधियों को दबोचा गया। एसपी सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में बास्की राय, मिथुन बावरी, बड़का बाउरी, राहुल कुमार राय, धनेश्वर राय, सुभाष पंडित, संजय बाउरी व गणेश राय हैं। माहुलडंगाल निवासी विक्रम बाउरी भी शामिल हैं। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने एक बाइक, 13 मोबाइल और 22 सिम कार्ड बरामद किया है। 

साइबर क्राइम झारखंड के लिए बड़ी चुनाैती

एसपी ने कहा कि साइबर क्राइम झारखंड के लिए बड़ी चुनौती रही है। जामताड़ा को इसका गढ़ माना जाता है। ऐसे में जामताड़ा साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली। बताया कि यह गिरोह पिछले कुछ वर्षों से साइबर अपराध में संलिप्त था। इन सभी के पास से विभिन्न कंपनियों के 22 फर्जी सिम भी मिले हैं। मोबाइल के अतिरिक्त वे इसलिए सिम रखते हैं कि ताकि उसे बदल-बदल कार कॉल किया जा सके। पुलिस को तत्काल उनका लोकेशन ढूंढने में थोड़ी दिक्कत होती है। एसपी ने कहा कि साइबर अपराधियों को कोई फंडा काम आनेवाला नहीं है। जो ठगी करेंगे, वे देर-सवेर जेल जाएंगे ही। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। नए थाना प्रभारी हरेंद्र राय की यह पहली बड़ी सफलता है। गिरफ्तार आरोपित पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े। अब पुलिस जब्त मोबाइल व सिम की जांच करवा रही है ताकि पता चले कि किस क्षेत्र के कितने बैंक खाताधारकों की कितनी राशि उड़ाई गई है।

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