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विधायक संजीव 27 को करेंगे नामाकन

धनबाद : झरिया विधायक संजीव सिंह अब 27 नवंबर को नामाकन दाखिल करेंगें। मंगलवार को विधायक संजीव ने पहले कोर्ट में बंदी आवेदन दायर कर अदालत से गुहार लगाई फिर बाद में उनके अधिवक्ता मो. जावेद ने अदालत में आवेदन दायर कर कोर्ट से 27 नवंबर को नामाकन दायर करने की अनुमति मागी। कोर्ट को दिए आवेदन में विधायक संजीव ने कहा है कि निर्वाचन नियमावली में बदलाव होने के कारण कुछ कागजात इकट्ठा नहीं हो पाए। इसी कारण 25 की जगह 27 नवंबर को नामाकन करने की अनुमति दी जाए। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।

25 नवंबर की मिली थी अनुमति

विधायक संजीव ने 8 नवंबर को आवेदन देकर 25 नवंबर को नामाकन करने की अनुमति मागी थी। 13 नवंबर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दूबे की अदालत ने विधायक संजीव को इस शर्त पर नामाकन करने की अनुमति दी थी कि संजीव उनके समर्थक अथवा रिश्तेदार विधि व्यवस्था में बाधा उत्पन्न नही करेंगें। अदालत ने जेल प्रशासन को कड़ी सुरक्षा में निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था। कारा महानिरीक्षक के आदेश पर विशेष टीम ने की थी सेल की जांच

- जाच के दौरान कानून का हुआ पालन

-जेल प्रशासन ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में कहा

-विधायक संजीव ने लगाया था धमकी देने का आरोप मागी थी सुरक्षा

-अधिवक्ता को फोन कर जताई थी अनहोनी की आशका

धनबाद : कारा महानिरीक्षक के आदेश पर राची से विशेष टीम आई थी जिन्होंने कारा नियमों के अनुरूप ही विधायक संजीव के सेल में जांच-पड़ताल किया था। इस दौरान किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई थी। उक्त बातें धनबाद जेल प्रशासन ने अदालत को सौंपे रिपोर्ट में कही है। कारा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कारा महानिरीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर राची से आई सात सदस्यीय विशेष टीम ने कारवाई की थी। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल में किसी बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं हुआ था। रिपोर्ट के साथ उपायुक्त को दी गई सूचना के पत्र की कॉपी भी कोर्ट को दी गई है। हालांकि विधायक की ओर से अदालत में इस रिपोर्ट पर कोई बहस नहीं की गई। अधिवक्ता जावेद ने बताया कि जेल के रिपोर्ट की कॉपी उन्हें प्राप्त नही हुई है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अदालत में इस बिंदू पर बहस होगी। विधायक ने जताया था जान को खतरा : 16 नवंबर को विधायक संजीव सिंह ने आवेदन दायर कर जेल एआइजी व अन्य पर गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक संजीव ने आरोप लगाया था कि 8 नवंबर को चुनाव लडने की घोषणा के बाद रात 11-12 बजे कुछ पुलिसवाले जेल के कानून का उल्लंघन करते हुए उनके सेल में घुस गए। तलाशी लेने लगे। उस समय वह दवा खाकर आराम कर रह थे। बीमार रहने के कारण उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी बाबजूद इसके पुलिसवाले हत्याकाड से संबधित सवाल करने लगे। संजीव ने आरोप लगाया था की जेल एआइजी तुषार रंजन गुप्ता व हमीद अख्तर ने उन्हें काफी प्रताड़ित किया।

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