हे भगवान, कोरोना जो न कराए ! twitter पर कभी लगती थी शिकायतों की झड़ी, अब यात्री मांग रहे रेलगाड़ी

बच्चे को भूख लगी है। दूध मिल सकता है क्या‌‌? ट्विटर पर बस इतना ही लिख देना काफी। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

मेरे बच्चे को भूख लगी है। दूध मिल सकता है क्या‌‌? ट्विटर पर बस इतना ही लिख देना काफी। चलती ट्रेन की पैंट्री कार में उपलब्ध रहा तो तुरंत मिल जाएगा। अगर नहीं रहा तो अगले स्टेशन पर रेलवे के बड़े अफसर खुद दूध लेकर आवभगत को तैयार रहते हैं।

Atul SinghTue, 02 Mar 2021 01:52 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन :  मेरे बच्चे को भूख लगी है। दूध मिल सकता है क्या‌‌? ट्विटर पर बस इतना ही लिख देना काफी। चलती ट्रेन की पैंट्री कार में उपलब्ध रहा तो तुरंत मिल जाएगा। और अगर नहीं रहा तो अगले स्टेशन पर रेलवे के बड़े अफसर खुद दूध लेकर आवभगत को तैयार रहते हैं। कुछ साल पहले शुरू हुई रेलवे की यह खास व्यवस्था सुर्खियों में रही। बाद में धीरे-धीरे ट्विटर शिकायतों का जरिया बन गया।

डीआरएम, जीएम से लेकर रेल मंत्रालय और पीएमओ तक सिर्फ शिकायतें ही रहने लगीं। पर कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों ने इसके ट्रेंड में बदलाव ला दिया है। इसका नजीर धनबाद रेल मंडल के डीआरएम आशीष बंसल हैं। पहले उनके ट्विटर पर सिर्फ शिकायतें रहती थीं। अब इनमें काफी कमी आ गई हैं। शिकायतों को शिकस्त देकर अब फरियाद ने अपनी बादशाहत कायम कर ली है। ज्यादातर ट्विटर यूजर अब पैसेंजर ट्रेन चलाने की फरियाद ट्विटर पर कर रहे हैं। यूजर्स की दिली ख्वाहिश है कि धनबाद से गोमो, आसनसोल, गया, बरकाकाना और वाराणसी तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें वापस पटरी पर लौट जाएं। उनके ट्वीट के जवाब में डीआरएम ने भी पहल करने क भरोसा दिया है। उन्होंने बंद ट्रेनों को चलाने से जुड़े ट्वीट संबंधित जोन और मंडल के डीआरएम को फॉरवर्ड भी किया है। 

 क्या हैं यात्रियों की फरियादें 

- आसनसोल से वाराणसी और बरकाकाना के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएं। इससे छात्र, मजदूर वर्ग और व्यवसायी को बड़ी राहत मिलेगी।

 अब्दुल वाहिद 

- गोमो से धनबाद के बीच पहले की तरह पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाए। ट्रेन नहीं चलने से काफी परेशानी हो रही है।

 राहुल 

- डीआरएम साहब, धनबाद से जम्मूतवी जानेवाली एक साल से बंद है। कब से चलेगी, कृपया बताया जाए।

 सुधीर पांडेय 

- सुबह चलने वाली धनबाद-पटना इंटरसिटी को अब चालू किया जाए। दिन में बिहार जाने की एक भी ट्रेन नहीं है। इससे बहुत परेशानी हो रही है।

 साजिद अंसारी 

- सर, रांची-देवघर इंटरसिटी को चलाया जाए। इस ट्रेन के नहीं चलने से राज्य के कई जिलों के यात्रियों को परेशानी हो रही है। तकरीबन एक साल हो चुके हैं। अब धनबाद से टाटानगर जानेवाली स्वर्णरेखा एक्सप्रेस को चलाया जाए। बहतु दिक्कत हो रही है। 

 मनोरंजन कुमार व नितेश कुमार 

- धनबाद-आसनसोल मेमू को गोमो तक चलाया जाए। गोमो से एक भी पैसेंजर न होने से काफी परेशानी हो रही है।

 अकबर अंसारी व विवेेक मेहता

 इन ट्रेनों को चलाने की ट्विटर पर हो रही फरियाद 

63545 और 63546 आसनसोल गया ईएमयू पैसेंजर

63541 और 63542 गोमो-आसनसोल ईएमयू पैसेंजर

63553 और 63554 आसनसोल-वाराणसी मेमू पैसेंजर

63555 और 63556 आसनसोल-बरकाकाना पैसेंजर

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