Dhanbad: झरिया की कई आउटसोर्सिंग परियोजना में कोयला उत्पादन शून्य, बीसीसीएल प्रबंधन परेशान

झरिया में बीसीसीएल का कोयला उत्पादन वर्षों से आउटसोर्सिंग कंपनी की बदौलत हो रहा है। झरिया में बीसीसीएल की लगभग सभी विभागीय परियोजना बंद है। यहां बीसीसीएल के बस्ताकोला लोदना और ईजे एरिया भौंरा में 90 प्रतिशत से अधिक कोयला का उत्पादन आउटसोर्सिंग कंपनी ही करती है।

Atul SinghSat, 27 Nov 2021 12:38 PM (IST)
झरिया में बीसीसीएल का कोयला उत्पादन वर्षों से आउटसोर्सिंग कंपनी की बदौलत हो रहा है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

गोविन्द नाथ शर्मा, झरिया: झरिया में बीसीसीएल का कोयला उत्पादन वर्षों से आउटसोर्सिंग कंपनी की बदौलत हो रहा है। झरिया में बीसीसीएल की लगभग सभी विभागीय परियोजना बंद है। यहां बीसीसीएल के बस्ताकोला, लोदना और ईजे एरिया भौंरा में 90 प्रतिशत से अधिक कोयला का उत्पादन आउटसोर्सिंग कंपनी ही करती है। अगर आउटसोर्सिंग कंपनी कोयला उत्पादन नहीं करें तो बीसीसीएल की हालत खराब हो जाएगी। पावर प्लांट को कोयला भेजना मुश्किल हो जाएगा।

जैसा कई माह से देखने को मिल रहा है। पिछले कई माह से झरिया में आउटसोर्सिंग कंपनी की और से कोयला उत्पादन नहीं किए जाने के कारण बीसीसीएल के अधिकारी काफी परेशान हैं। काफी मुश्किल से कुछ कोयला का उत्पादन कर किसी तरह पावर प्लांट को भेजने में लगा है। बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों की ओर से लगातार बस्ताकोला, भौंरा और लोदना क्षेत्र का दौरा कर कई माह से कोयला उत्पादन बढ़ाने का निर्देश स्थानीय अधिकारियों और आउटसोर्सिंग कंपनी के पदाधिकारियों को दिया जा रहा है लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बस्ताकोला की राजापुर डेको परियोजना में कई माह से कोयला उत्पादन बंद है। लोदना क्षेत्र की एनटीएसटी जीनागोरा आउटसोर्सिंग परियोजना में भी तीन माह से कोयला उत्पादन नहीं हो रहा है। वहीं ईजे एरिया भौंरा आउटसोर्सिंग परियोजना में भी कोयला का उत्पादन कई माह से ठप है।

जीनागोरा परियोजना में पानी भरने से उत्पादन हुआ है ठप

लोदना क्षेत्र की एनटीएसटी जीनागोरा परियोजना में आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से कोयला उत्पादन किया जाता है। लेकिन सितंबर माह में हुई भारी बारिश के बाद परियोजना में पानी भर गया। इससे यहां का कोयला उत्पादन ठप हो गया है। पानी निकासी की गति धीमी होने के कारण यहां तीन माह से कोयला उत्पादन बंद है। कोयला उत्पादन में आई गिरावट की स्थिति का यहां अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर दिन जहां दस हजार टन कोयले का उत्पादन होता था। अभी बमुश्किल दो हजार टन कोयला किसी तरह उत्पादन हो रहा है।

अप्रैल माह से बंद है राजापुर डेको आउटसोर्सिंग परियोजना 

बस्ताकोला क्षेत्र की राजापुर डेको आउटसोर्सिंग परियोजना में भी अप्रैल माह से ही कोयला का उत्पादन बंद है। सितंबर माह में हुई भीषण बारिश के बाद परियोजना की हालत और खराब हो गई है। डेको आउटसोर्सिंग परियोजना के अधिकारी मधुसूदन सिंह का कहना है कि अभी परियोजना कोयला का उत्पादन बंद है। पानी निकालने का काम जारी है। जल्द ही यहां से कोयला उत्पादन शुरू किया जाएगा। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। यहां कोयला का उत्पादन नहीं हो रहा है।

ईजे एरिया भौंरा परियोजना में भी कोयला उत्पादन है शून्य 

ईजे एरिया भौंरा आउटसोर्सिंग परियोजना में भी कोयला उत्पादन बाधित है। यहां की आउटसोर्सिंग परियोजना में पानी भरने के अलावा स्थानीय रैयतो और विस्थापितों की ओर से मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन के कारण भी कोयला उत्पादन ठप है। स्थानीय रैयत मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। रैयतों के आंदोलन के कारण आउटसोर्सिंग परियोजना का उत्पादन शून्य हो गया है। रैयतों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा।

वर्जन

एनटीएसटी जीनागोरा आउटसोर्सिंग परियोजना में पानी भरने के कारण उत्पादन नहीं हो रहा है। पानी निकासी का काम जारी है। 15 दिसंबर के बाद कोयला उत्पादन शुरू किया जाएगा।

- पंकज कुमार, परियोजना पदाधिकारी एनटीएसटी जीनागोरा

लोदना क्षेत्र।

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