कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट पर कोयला मंत्रालय की नजर, झरिया क्षेत्र में है मिथेन का भंडार

भारत सरकार देश में कोयला व मिथैन गैस उत्पादन बढ़ाने में आस्ट्रेलिया कंपनी से मदद लेगी। ऊपरी सतह व गहराई में मौजूद कोयले को गैस में बदलकर उस गैस को बाहर लाने तथा कोयले की सतह पर प्राकृतिक रूप से उत्पन्न मिथेन गैस आदि को निकालने में ऑस्ट्रेलिया करेगा।

Atul SinghSat, 18 Sep 2021 01:58 PM (IST)
भारत सरकार देश में कोयला व मिथैन गैस उत्पादन बढ़ाने में आस्ट्रेलिया कंपनी से मदद लेगी। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

आशीष अंबष्ठ, धनबाद: भारत सरकार देश में कोयला व मिथैन गैस उत्पादन बढ़ाने में आस्ट्रेलिया कंपनी से मदद लेगी। ऊपरी सतह व गहराई में मौजूद कोयले को गैस में बदलकर, उस गैस को बाहर लाने तथा कोयले की सतह पर प्राकृतिक रूप से उत्पन्न मिथेन गैस, आदि को निकालने में ऑस्ट्रेलिया ने सहयोग करने पर विचार किया है। दोनों देश के बीच इस मुद्दों पर बातचीत जारी है, करार होने की संभावना है। पिछले दिनों इस मुद्दों पर कोयला मंत्री प्रह्ललादी जोशी व कोयला सचिव अनिल जैन व आस्ट्रेलिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई है। कोल इंडिया भी इस दिशा में वर्क प्लान पर काम कर रही है।

कोयला मंत्रालय को कोल इंडिया की बीसीसीएल व ईसीएल में शुरू होने वाली कोल बेड मिथेन व कोल माइन मिथेन प्रोजेक्ट चालू करने में काफी सहयोग मिलेगा। बीसीसीएल के झरिया क्षेत्र में  कोल बेड मिथेन का भंडार है। जिस पर दोहन को लेकर काम किया जा रहा है। इसमें धनबाद, बोकारो, आसनसोल, रानीगंज क्षेत्र में प्रोजेक्ट प्लान पर काम किया जा रहा है। कोयला मंत्रालय पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया के शिष्टमंडल के बीच व्यापारिक और आर्थिक रिश्ते बढ़ाने पर बातचीत की। कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने खासतौर से ऊर्जा सेक्टर में गतिविधियों को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा किया।

भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तथा भारत की महत्त्वाकांक्षी नीतिगत एजेंडा के समर्थन में आस्ट्रेलिया के संसाधनों का इस्तेमाल शामिल था। आस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री और विशेष व्यापार दूत टोनी ऐबट के नेतृत्व में आए टीम के साथ इस पर चर्चा हुई। सूत्रों ने कहा कि बिजली से चलने वाले वाहनों के लिए जो कारगर और जरूरी खनिज हैं, वे सब आस्ट्रेलिया में उपलब्ध हैं तथा भारत में बिजली वाहनों के निर्माण के लिए आस्ट्रेलिया अहम भूमिका निभा सकता है। मौके पर कोयला मंत्रालय के सचिव डा. अनिल कुमार जैन, खान मंत्रालय के सचिव आलोक टंडन आदि मौजूद थे।

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