Vinod Jha Murder Case: मिंटू कश्यप ने कराई हत्या, हथियार के साथ पकड़े गए दो शागिर्दों ने खोला राज

गिरफ्तार अपराधियों और बरामद हथियार के साथ निरसा के एसडीपीओ विजय कुशवाहा और चिरकुंडा थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव।

Vinod Jha Murder Case पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक पंचेत का निखिल पासवान और दूसरा सोनारडंगाल का शेखर रवानी है। दोनों ने विनोद झा हत्याकांड में अपनी संलिप्तता पुलिस के सामने स्वीकार की है। हालांकि साजिशकर्ता मिंटू कश्यप अभी पकड़ से दूर है।

MritunjaySat, 27 Feb 2021 06:59 PM (IST)

चिरकुंडा, जेएनएन। विनोद झा हत्याकांड के तीन बाद ही चिरकुंडा थाने की पुलिस पूरे मामले का खुलासा करने के नजदीक पहुंच गई है। पुलिस ने शनिवार को दो अपराधियों-निखिल पासवान और शेखर रवानी को धर दबोचा। इनके पास से एक देसी पिस्टल, दो देसी कट्टा, 14 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल सेट, घटना में प्रयुक्त टीवीएस भिक्टर बाइक, शूटरों द्वारा प्रयुक्त सामान जब्त की गई है। पकड़े गए दोनों अपराधियों ने विनोद झा की हत्या की बात स्वीकारते हुए पूरी कहानी पुलिस को बताई है। हालांकि मुख्य साजिशकर्ता मिंटू कश्यप फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। 

24 फरवरी को दिनदहाड़े हुई थी हत्या

तालडंगा हाउसिंग कॉलोनी निवासी विनोद झा की 24 फरवरी को दिनदहाड़े हत्या हुई थी। करीब डेढ़ बजे वह तालडंगा हाउसिंह कॉलोनी में दुर्गा मंदिर के सामने बैठकर लोगों के साथ ताश खेल रहे थे। इस दाैरान अपराधी पहुंचे और उन्हें नजदीक से दो गोली दाग दी। इसके बाद उनके साथ ताश खेलने वाले भाग खड़े हुए। कॉलोनी में सनसनी फैल गई। अपराधी गोली मारने के बाद आराम से भाग निकले।

झा की पत्नी ने दर्ज कराई प्राथमिकी

विनोद झा की हत्या के अगले दिन उनकी पत्नी के फर्द बयान पर चिरकुंडा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। गीता ने बयान में कहा है कि विनोद से मिंटू दुश्मनी मानता था। उसे डर था कि वह उसके राज खोल देंगे। दरअसल, ङ्क्षमटू सूद का काम करता है। विनोद पहले उसके सूद की वसूली करते थे, बदले में वह कुछ खर्च देता था। 2011 से वह मिंटू के साथ काम कर रहे थे। पिछले साल अक्टूबर में उन्होंने मिंटू का साथ छोड़ दिया। मिंटू ने कॉलोनी के चार लोगों को अगवा कर उसने मोटी रकम लेने का प्लान बनाया था। वह पति  पर दबाव बना रहा था कि इस अपराध में उसका साथ दे। बावजूद उन्होंने इन्कार किया तो मिंटू ने कई बार घर आकर धमकी देकर दबाव बना। फिर भी वे तैयार नहीं हुए। तब बुधवार को दिनदहाड़े सहयोगियों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी।

गिरफ्तार अपराधियों ने स्वीकार किया अपहरण की साजिश की बात

निरसा के एसडीपीओ विजय कुशवाहा और चिरकुंडा थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव शनिवार को गिरफ्तार दोनों अपराधियों के साथ मीडिया के सामने आए। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने स्वीकार किया है कि तालडांगा हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले व्यवसायी शिवरतन प्रसाद, निरंजन अग्रवाल, अनिल पासवान व संतोष मिश्रा को अगवा करने की साजिश मिंटू कश्यप ने रची थी। इसमें पति विनोद झा ने साथ नहीं दिया इसलिए उसकी हत्या की गई। 

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