बाल सुधार गृह के बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए शक्ति मंदिर में दी भगवत गीता Dhanbad News

शक्ति मंदिर कमिटी ने शुक्रवार को बरमसिया स्थित बाल सुधार गृह के बच्चों के बौद्धिक विकास हेतु 55 प्रति श्रीमद्भागवत गीता दी। बच्चा जेल में अवयस्क बच्चे नादानी के वजह से अपराध की दिशा की ओर अग्रसर हो जाते हैं

Atul SinghFri, 30 Jul 2021 05:59 PM (IST)
पकडे जाने पर उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाता है।

जागरण संवाददाता, धनबाद : शक्ति मंदिर कमिटी ने शुक्रवार को बरमसिया स्थित बाल सुधार गृह के बच्चों के बौद्धिक विकास हेतु 55 प्रति श्रीमद्भागवत गीता दी। बच्चा जेल में अवयस्क बच्चे नादानी के वजह से अपराध की दिशा की ओर अग्रसर हो जाते हैं और पकडे जाने पर उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाता है। यहां यदि उनके मानसिक दशा को नहीं सुधार जाय तो उनके वर्तमान के साथ साथ भविष्य भी बर्बाद हो जाता है। उनकी स्थिति को ध्यान में रखकर वहाँ पर तैनात इंस्पेक्टर अमरनाथ झा ने बच्चों के रूची के अनुसार उन्हें विभिन्न धर्म ग्रंथो को पढाकर उनके भविष्य को सुधारने का प्रयास किया है। इसी क्रम में उन्होंने मंदिर कमिटी से भी संम्पर्क किया। उनके नेक इरादे से प्रभावित हो कर उन्हें श्रीमद्भागवत गीता की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर मंदिर के उपाध्यक्ष राजीव सचदेव, सचिव अरुण भंडारी, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र अरोड़ा, प्रबन्धक ब्रजेश मिश्र, उप प्रबंधक गौरव अरोड़ा उपस्थित थे।

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