Dhanbad Judge Death Case: चार महीने बाद सीबीआइ को मिले साजिश के संकेत, मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए यह तैयारी

28 जुलाई की सुबह जज उत्तम आनंद की हत्या कर दी गई थी जब वह घर से सुबह की सैर पर निकले थे। रणधीर वर्मा चौक पर सुबह-सुबह एक आटो ने उनको पीछे से आकर धक्का मार दिया था। सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई थी।

MritunjaySun, 28 Nov 2021 08:44 AM (IST)
जज हत्याकांड के आरोपित राहुल वर्मा और लखन वर्मा ( फाइल फोटो)।

विधि संवाददाता, धनबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अष्टम) उत्तम आनंद की हत्या के चार महीने हो गए हैं। 28 जुलाई, 2021 को धनबाद के रणधीर वर्मा चाैक के समीप आटो ने धक्का मार जज को उड़ा दिया था। अस्पताल ले जाने के बाद डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद देश की न्याय व्यवस्था हिल गई। चीफ जस्टिस आफ इंडिया ने मामले पर सुनवाई की। झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआइ जांच का आदेश दिया। चार महीने बाद भी सीबीआइ के हाथ खाली है। हालांकि सीबीआइ का कहना है कि उसे इस मामले में साजिश के संकेत मिले हैं। साजिश रचने वालों तक पहुंचने के लिए आरोपितों को रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ जरूरी है। इसके लिए सीबीआइ की स्पेशल सेल ने शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएन मिश्रा की अदालत में आवेदन दिया। आवेदन में इस मामले में दोनों आरोपित राहुल वर्मा व लखन वर्मा से फिर पूछताछ करने की इजाजत मांगी।

सीबीआइ को मिली साजिश के बारे में नई जानकारी

कोर्ट को दिए आवेदन में सीबीआइ ने बताया कि अनुसंधान के दौरान कुछ नए तथ्य मिले हैं। इससे इस हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश और मास्टरमाइंड के विषय में कई नई जानकारी मिली है। सीबीआइ ने कहा कि यदि इस हत्याकांड में गहरी साजिश है तो पूछताछ में कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।  जांच एजेंसी की दलील सुनने के बाद अदालत ने 27 नवंबर से तीन दिसंबर तक छह दिन जेल में ही दोनों आरोपितों से पूछताछ करने की इजाजत दे दी। 24 नवंबर को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत ने मामले को सत्र न्यायालय को भेज दिया था तथा सीबीआइ को पूछताछ की इजाजत देने से इन्कार कर दिया था।

सुबह की सैर के दाैरान जज की हुई थी हत्या

28 जुलाई की सुबह जज उत्तम आनंद की हत्या कर दी गई थी जब वह घर से सुबह की सैर पर निकले थे। रणधीर वर्मा चौक पर सुबह-सुबह एक आटो ने उनको पीछे से आकर धक्का मार दिया था। सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई थी। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। सीसीटीवी फुटेज देखने से प्रतीत हुआ कि यह हादसा नहीं है। जज को जानबूझकर धक्का मारा गया। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। झारखंड सरकार की अनुशंसा पर मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआइ को सौंप दी गई। चार अगस्त को सीबीआइ को मामले की जांच सौंप दी गई थी। 20 अक्टूबर को जांच एजेंसी ने राहुल वर्मा व लखन वर्मा के विरुद्ध हत्या का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दायर कर दी थी। इस मामले की हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

अब सेशन कोर्ट में चल रहा मामला

जज उत्तम आनंद की हत्या के आरोप में जेल में बंद आटो चालक राहुल वर्मा व लखन वर्मा के विरुद्ध हत्या व सबूत मिटाने का मुकदमा सेशन कोर्ट में चलेगा। बुधवार को ही सीबीआइ के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत ने सीबीआइ की दलील सुनने के बाद मुकदमे को सेशन कोर्ट को सौंप दिया। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपितों को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया था। बुधवार को ही दोनों पर आटो चोरी के मामले में भी आरोप तय किया गया था। हालांकि दोनों ने आटो चोरी के आरोप से इन्कार करते हुए ट्रायल की मांग की थी। अदालत ने इस मामले में सीबीआइ को गवाह पेश करने का आदेश दिया है।

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