Teachers Day पर वेतन के लिए उपवास पर बैठे प्रोफेसर की माैत, बोकारो के चंदनकियारी इंटर कालेज के शिक्षक गुस्से में

शिक्षक दिवस पर बोकारो जिले के चंदनकियारी इंटर कालेज में एक बड़ा दुखद हादसा हो गया। झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान के लिए प्रोफेसर उपवास पर बैठे थे। इस दाैरान दिल का दाैरा पड़ने से प्रोफेसर दिलीप कुमार पांडेय का निधन हो गया।

MritunjayMon, 06 Sep 2021 07:42 AM (IST)
चंदनकियारी इंटर कालेज, चंद्रा ( फाइल फोटो)।

संवाद सहयोगी, चंदनकियारी। झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पेटरवार के कदमतल्ला में अपने आवास पर उपवास कर रहे चंदनकियारी इंटर कालेज के शिक्षक दिलीप कुमार पांडेय का जान चली गई। कोरोना के कारण तय हुआ था कि सभी मान्यता प्राप्त इंटर कालेज, माध्यमिक विद्यालय और मदरसा के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपने शैक्षणिक संस्थान के परिसर में उपवास करेंगे। चंद्रा स्थित चंदनकियारी इंटर कालेज के शिक्षक दिलीप कुमार पांडेय की तबियत ठीक नहीं थी। उन्होंने संदेश दिया कि वे अपने घर पर उपवास में रहेंगे। उपवास किए भी। दोपहर दो बजे उनकी तबियत बिगड़ती गई। अचानक हर्ट अटैक आया और परलोक सिधार गए। रविवार को ही उनका अंतिम संस्कार किया गया जिसमें कालेज के लोग शामिल हुए।

बीमारी के कारण घर पर कर रहे थे उपवास

झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सूबे के 1250 के मान्यता प्राप्त इंटर कालेज, माध्यमिक विद्यालय एवं मदरसों के अधिग्रहण, अनुदान समेत कई लंबित मसलों पर शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय आंदोलन किया। फैसला लिया गया कि शिक्षक दिवस नहीं मनाया जाएगा। चंद्रा स्थित चंदनकियारी इंटर कालेज में भी यही किया गया। कालेज परिसर में सारे लोग उपवास पर बैठे तो दिलीप कुमार पांडेय ने सूचना देकर घर पर उपवास किया। दिलीप कुमार पांडेय के निधन की सूचना आई तो उपवास का कार्यक्रम शोकसभा में बदल गया। बताया गया कि उन्होंने 13 जुलाई 2010 को इंटर कालेज में योगदान दिया था। उन्हें एक पुत्र और एक पुत्री है। बादल महतो, अरुण महतो, जय प्रकाश महथा, श्रीकांत महतो, राजेश सिंह चौधरी समेत इंटर कालेज के कई लोग उनके आवास पर गए। अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

घटना के बाद शिक्षक और कर्मचारी गुस्से में

प्रोफेसर दिलीप कुमार पांडेय की माैत के बाद चंदनकियारी इंटर कालेज के शिक्षक और कर्मचारी गुस्से में हैं। झारखंड सरकार की नीतियों की आलोचना की है। माैत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। 

 

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