Coal India: यहां देश का सबसे महंगा कोयला बिक रहा सस्ता, 14 लाख टन रेल और रोड सेल का लक्ष्य

बीसीसीएल का कोयले सबसे महंगा बिकता रहा है ( फाइल फोटो)।

कोकिंग कोल का आयात कम करने और बड़े पैमाने पर नए ग्राहकों को कोयला बेचने के लिहाज से बीसीसीएल ने रैक से कोयला अधिक पैमाने पर बेचने का निर्णय लिया है। इसके तहत जहां प्रीमियर दर पहले ही घटा दिया गया था।

MritunjaySat, 06 Feb 2021 05:27 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन। अभी तक कोकिंग कोल होने की वजह से बीसीसीएल का कोयला सबसे महंगा होता रहा है।  लेकिन कोरोना संकट ने सब कुछ उल-पलट कर रख दिया है। स्थितियां ऐसी हो गई है कि बीसीसीएल को कोल इंडिया के अपने ही अनुषंगी कंपनियों से होड़ लेना पड़ रहा है। कंपनी ने इसी रणनीति के तहत कोयले की कीमत में कमी की है। हालांकि यह सिर्फ प्रीमियम दर के साथ किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी के पास तकरीबन 3500000 टन कोयले का भंडार हो गया है। जिसमें आग लगने व चोरी का भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

इस कोयले को बेचने के लिए कंपनी ने रैक लोडिंग बढ़ाने का निर्णय लिया है।

रैक से अधिक कोयला बेचने पर जोर

शनिवार को कोयला भवन में पत्रकार वार्ता में वित्त निदेशक समीरन दत्ता ने बताया कि कंपनी का पारंपरिक ग्राहक डीवीसी, डब्लूपीटीसीएल है। वह रैक से कोयला लेती है लेकिन इनके पास पहले से पर्याप्त स्टॉक है। यह कंपनियां कीमत भी नहीं चुका पा रही। इसलिए कोकिंग कोल का आयात कम करने और बड़े पैमाने पर नए ग्राहकों को कोयला बेचने के लिहाज से हमने रैक से कोयला अधिक पैमाने पर बेचने का निर्णय लिया है। इसके तहत जहां प्रीमियर दर पहले ही घटा दिया गया था, वह इसमें 23 फीसद और कमी करने का निर्णय लिया गया है। इसके फल स्वरुप कोयले का जो नोटिफाइड प्राइस था उसमें भी 15 फीसद की कमी हो जाएगी। ऐसा करने से बीसीसीएल का कोयला ईसीएल और सीसीएल से भी सस्ता हो जाएगा। हमने पहले भी प्रयास किया था लेकिन रैक से कोयला बिक्री में तेजी नहीं आ सकी। जबकि ईसीएल जैसी कंपनी 67 फीसद कोयला रेल से ही बेचती है।

रेल से दस लाख और रोड से चार लाख टन कोयला बेचने का लक्ष्य

दत्ता ने बताया कि 10 व 11 फरवरी को होने वाले ऑक्शन में भी यह नियम लागू होगा। बल्कि उसका स्टॉक भी बढ़ा दिया गया है। अब रेल के जरिए 1000000 टन कोयले की नीलामी होगी, जबकि रोड के जरिए 400000 टन कोयला बेचा जाएगा। इस प्रकार इस ऑक्शन के लिए वाशरी-4 जहां 3462 रुपए रिजर्व प्राइस रखा गया था वह अब ₹2675 हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर को रेल से कोयला ढुलाई में ईसीएल को जहां ₹66 वह सीसीएल को 58 रूपया 60 पैसे प्रति टन भुगतान करना पड़ता है। वही बीसीसीएल में यह खर्च मात्र 56 पैसे पड़ता है। इस प्रकार इन दोनों कंपनियों से उच्च गुणवत्ता का कोयला बोली दाताओं को बीसीसीएल में मिलेगा। उन्होंने इस बात से इनकार किया की खदानों में पर्याप्त स्टॉक नहीं है। दत्ता ने लगातार ऑक्शन आमंत्रित कर कोयले का स्टॉक घटाने की बात कही। इस सवाल पर कि तीसरी तिमाही में कंपनी की स्थिति क्या है। उन्होंने कहा किया पिछले दो तिमाही से ठीक है। हालांकि कंपनी अभी घाटे में ही है।

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