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जान जोख‍िम में डाल कर रहे प्‍यास बुझाने को मजबूर यहां के लोग; BCCL ने घोष‍ित क‍िया है खतरनाक क्षेत्र

बीसीसीएल के बेरा कोलियरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों की। (जागरण)

गर्मी बरसात हो या जाड़े का मौसम। यहां के लोगों को पत्ते के सहारे ही जीवन जीने के लिए पेयजल का जुगाड़ करना पड़ता है। हम बात कर रहे हैं बीसीसीएल के बेरा कोलियरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों की।

Atul SinghTue, 04 May 2021 03:04 PM (IST)

सत्येंद्र चौहान, धनसार (धनबाद) : गर्मी, बरसात हो या जाड़े का मौसम। यहां के लोगों को पत्ते के सहारे ही जीवन जीने के लिए पेयजल का जुगाड़ करना पड़ता है। हम बात कर रहे हैं बीसीसीएल के बेरा कोलियरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों की। कोलियरी के एक नंबर इनक्लाइन के सिरमुहान की दीवारों से रिसते पानी ही यहां के लोगों की प्यास बुझा रही है।

बेरा के तुरिया बस्ती, छह नंबर, भुइयां बस्ती व स्टाफ कॉलोनी के लोग सुबह होते ही रिस रहे पानी को पत्ते के सहारे गैलन व डेकची में एकत्र करते हैं। एक गैलन पानी भरने में लोगों को काफी समय लग जाता है। इसलिए यहां के लोग पांच से छह जगहों पर पत्ता लगाकर पानी एकत्र करते हैं।

पानी के लिए लोगों को काफी समय बिताना पड़ रहा है। इस क्षेत्र के लगभग दो हजार से अधिक  लोगों के लिए यहां के इंकलाइन का पानी जिन्दगी जीने के काम में आ रहा है। पीने के अलावा लोग पानी को नहाने व कपड़ा धोने के काम में भी उपयोग कर रहे हैं।

खतरनाक क्षेत्र होने के बावजूद मजबूरीवश महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को यहां लाकर स्नान कराती हैं। यहां के बेवश व लाचार लोग यहीं के रिसते पानी को  40 साल से  उपयोग करते आ रहे हैं। इस इंकलाइन से बीसीसीएल का कोयला उत्पादन कई वर्ष पूर्व बंद हो चुका है।

सिरमुहान के मुख्य द्वार पर बीसीसीएल ने इसे खतरनाक बताते हुए प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिया गया है। यहां नहाने व पानी भरने पर सख्त प्रतिबंधित लगा दिया गया है। क्षेत्र के खतरनाक होने के बावजूद लोग जीवन बचाने के लिए जिंदगी को जोखिम में डाल कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

जबकि जिस स्थान पर महिलाएं पानी भरती हैं। उस सिरमुहान के ऊपर का पलास्टर जर्जर है। यह कभी भी गिर सकता है। फिर भी जान जोखिम में डालकर लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। लोगों को इस बात का मलाल है कि 40 साल बीतने के बाद भी यहां  के लोगों के लिए  पीने के पानी की व्यवस्था ना ही बीसीसीएल और ना ही सरकार, जिला प्रशासन कर सकी है।

रही बात जनप्रतिनिधियों की तो वे चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और चुनाव समाप्त होते ही सब वादे भूल जाते इस क्षेत्र में ज्यादातर असंगठित मजदूर रहते हैं। लोगों को कहना है कि यहां से एक किलोमीटर दूर पतराकुल्ही तक माडा की ओर से पाइपलाइन बिछाई गई है। अगर यहां तक पाइपलाइन बिछ जाए तो समस्या दूर हो जाएगी।

वर्जन

जान जोखिम में डालकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। इसपर किसी का ध्यान नहीं है। यहां पानी की व्यवस्था की जाए।

- रूपा देवी, बेरा कोलियरी।

अगर बीसीसीएल टैंकर से नियमित पानी की व्यवस्था यहां करती है तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।

- मो सुल्तान, बेरा कोलियरी।

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