Vinoba Bhave University की तर्ज पर बीबीएमकेयू में भी हो बीएड फीस निर्धारण, शिक्षण शुल्क में 25 फीसद मिल सकती है छूट

विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने झारखंड विधानसभा में पूछा कि क्या सभी विश्वविद्यालय में एक जैसी फीस रखने का निर्देश सरकार देगी। जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि फीस निर्धारण विश्वविद्यालय का सिंडिकेट करता है। उन्हें ही फीस बढ़ोतरी और कम करने का अधिकार है।

MritunjayWed, 08 Sep 2021 01:49 PM (IST)
बीबीएमकेयू में बीएड शिक्षण शुल्क ( सांकेतिक फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। विनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय के बीएड छात्रों के शिक्षण शुल्क की समस्या को झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने विधानसभा में उठाया है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय से अलग हुए कॉलेजों को मिलाकर बीबीएमकेयू का गठन किया गया, लेकिन विनोबा भावे विश्वविद्यालय की तर्ज पर यहां शिक्षण शुल्क अलग है। खासकर बीएड में काफी अंतर है। झरिया विधायक ने विभावि की तर्ज पर ही बीबीएमकेयू में बीएड शिक्षण शुल्क तय करने का मामला उठाया है। उन्होंने कहा कि विभागीय के कॉलेजों में बीएड द्वितीय वर्ष के सामान्य व पिछड़ा वर्ग के छात्रों से 90 हजार फीस ली जाती है, जबकि उसी से अलग होकर बने बीबीएमकेयू में यह एक लाख 20 है।

पूर्णिमा ने अपने तारांकित प्रश्न में झरिया विधायक ने पूछा कि क्या सभी विश्वविद्यालय में एक जैसी फीस रखने का निर्देश सरकार देगी। जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि फीस निर्धारण विश्वविद्यालय का सिंडिकेट करता है। उन्हें ही फीस बढ़ोतरी और कम करने का अधिकार है। पूर्णिमा सिंह ने एक अन्य सवाल में पूछा कि विभावि में कोरोना के मद्देनजर शिक्षण शुल्क में 25 फीसद की छूट दी गई है तो क्या बीबीएमकेयू में भी ऐसा होगा। इस प्रश्न के आलोक जवाब दिया गया कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 के मद्देनजर शिक्षण शुल्क में 25 फीसद छूट देने पर विचार करें। यह भी सिंडिकेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा।

यहां बता दें कि पिछले माह बीएड शिक्षण शुल्क की समस्या को लेकर छात्र झरिया विधायक के पास उनके आवास पहुंचे थे। छात्रों ने मांग रखी थी कि विभावि और बीबीएमकेयू के बीएड शिक्षण शुल्क में एकरूपता नहीं है। बीबीएमकेयू में अधिक फीस ली जा रही है। इसकी वजह से छात्रों पर बेवजह दबाव बढ़ रहा है। कोविड-19 से इसमें रियायत मिलनी चाहिए।

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