Anand Mangal Mahila Samiti Dhanbad: दीपावली में यहां आइए, एक छत के नीचे हर चीज पाइए

Anand Mangal Mahila Samiti Dhanbad महिला स्वरोजगार योजना में बीमारी ठीक करने के गूढ़ रहस्यों से भी लोग अवगत होंगे। संगीता ड्रोलिया ने बताया कि प्राणिक हीलिंग की सुविधा यहां मिलेगी। भारतवर्ष में कई ऐसी विद्या है जो बिना दवाइयों के ही मनुष्य को ठीक कर सकती हैं।

MritunjayWed, 20 Oct 2021 09:51 AM (IST)
दीपावली के लिए खरीदारी करती महिलाएं ( फाइल फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। 22-23 अक्टूबर को धनबादवासियों को एक ही जगह एक छत के नीचे ढेरों चीजें मिलने वाली हैं। दीपावाली के दीये मिलेंगे तो डिजाइनर कपड़े भी यहां होंगे। शॉपिंग करते-करते थक जाएंगे तो लजीज व्यंजन का भी लुत्फ उठा सकेंगे। आनंद मंगल महिला समिति की ओर से धनसार के होटल सिद्धिविनायक में 22-23 अक्टूबर को दो दिवसीय महिला स्वरोजगार योजना कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। समिति की अध्यक्ष संगीता अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम हो रहा है। कई तरह के स्टाॅल लगेंगे।

सुबह दस से रात नाै बजे तक कर सकते खरीदारी

समिति की संगीता ड्रोलिया ने बताया कि सुबह दस से रात नौ बजे तक धनबादवासी यहां चीजें खरीद सकेंगे। आकर्षक, किफायती और हस्तनिर्मित सामान खरीदने का यह सुनहरा अवसर होगा। महिलाओं को हस्तनिर्मित सामग्री के साथ ही दीपावली के आइटम दिए जाएंगे। इसमें बंधनवार, डिजायनर दीया, टैराकोटा दीया, साड़ियां, सूट, फैंसी कुर्ती, ज्वेलरी, होम डेकोरेटिव आइटम, पोशाक, मनोरंजक गेम के साथ ही लजीज व्यंजन के स्टाल रहेंगे। इस आयोजन में संगीता अग्रवाल, मीनू खेतान, ऋद्धि गोधा, अलका मित्तल, सुनीता अग्रवाल विशेष सहयोग दे रही हैं।

प्राणिक हीलिंग की भी मिलेगी सुविधा

महिला स्वरोजगार योजना में बीमारी ठीक करने के गूढ़ रहस्यों से भी लोग अवगत होंगे। संगीता ड्रोलिया ने बताया कि प्राणिक हीलिंग की सुविधा यहां मिलेगी। भारतवर्ष में कई ऐसी विद्या है जो बिना दवाइयों के ही मनुष्य को ठीक कर सकती हैं। इनमें एक विद्या प्राणिक हीलिंग भी है। वर्तमान में लोग इसे रेकी के नाम से भी जानते हैं। इस विद्या के अंतर्गत ऊर्जा को आधार बनाते हुए बीमार व्यक्ति के शरीर की नकारात्मक ऊर्जा और बीमारी पैदा करने वाले कारकों को दूर किया जाता है। प्राणिक हीलिंग का आधार व्यक्ति के आसपास के औरा को माना जाता है। महापुरुषों के चित्र के सिर के आसपास स्वर्ण आभा होती है। इसे औरा भी कहते हैं। उनके शरीर के चारों ओर दिव्य श्वेत रोशनी को प्राणमय कोश भी कहा गया है। सनातन क्रिया में कुछ ऐसी तकनीकों का उल्लेख है जिनके जरिए हम इस सूक्ष्म कोष में प्रवेश कर किसी भी असंतुलन को सूक्ष्म स्तर पर हटा सकते हैं।

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