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Shravani Mela 2020: भर सावन बाबा नगरी में भक्तों को नहीं लगेगी भीड़, सीमा पर ही रोकने को देवघर प्रशासन का प्लान तैयार

देवघर, जेएनएन। सावन का पावन महीना शुरू हो रहा है। इसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह महीना खासकर भगवान भोले शंकर की पूजा का होता है। सावन महीने में देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला लगता है। देश-दुनिया से लाखों की संख्या में लोग देवघर में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने आते रहे हैं। 6 जुलाई, 2020 से सावन शुरू हो रहा है लेकिन इस साल देवघर में श्रावणी मेला नहीं लग रहा है। कोरोना के कारण बाबा बैद्यनाथ का मंदिर भी बंद है। सावन में बाहर के लोगों को देवघर में एंट्री नहीं मिलेगी। अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए देवघर जिला प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। झारखंड-बिहार की सीमा और प. बंगाल की तरफ से देवघर आने वाले रास्ते पर विशेष व्यवस्था की गई है।

बाबा के भक्त करेंगे ऑनलाइन दर्शन

झारखंड हाई कोर्ट ने भी कोरोना संक्रमण काल में देवघर के विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के आयोजन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। हालांकि अदालत ने राज्य सरकार को यह आदेश दिया है कि वह भक्तों के लिए देवघर और बासुकीनाथ दोनों ही मंदिरों से भगवान के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था शुरू करे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैैं। सावन के पहले दिन से ही श्रद्धालु घर से ही भगवान बैद्यनाथ और बासुकीनाथ के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे। 200 सालों में ऐसा पहली बार होगा कि सावन में देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर और बासुकीनाथ में कांवर यात्रा और श्रावणी मेले का आयोजन नहीं होगा।

बगैर पास किसी भी हाल में देवघर नहीं घुसे बाहरी वाहन

उपायुक्त नैंसी सहाय व पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे ने सावन महीने में देवघर में अनावश्यक भीड़ को रोकने के उद्देश्य से सीमावर्ती चेकपोस्ट अंधरीगादर, दर्दमारा, दुम्मा प्रवेश द्वार, चोपा मोड़, हिंडाडोलावरण, भिरखीबाद मोड़ व कुशमाहा मोड़ आदि का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था व विधि-व्यवस्था का जायजा लिया।

इस दौरान उपायुक्त ने चेक पोस्टों पर तैनात दंडाधिकारियों व पुलिस बलों से सुविधा व विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिना बाहरी वाहन व बड़े वाहनों को बिना पास के जिले के अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को भी बाहर-बाहर ही उनके गंतव्य स्थान तक भेजा जाए। इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। निर्देशित किया कि इस बार श्रावणी मेला नहीं हो रहा है, आने वाले श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी देने के साथ माइकिंग तथा पोस्टर-बैनर लगाने की बात कही। दंडाधिकारियों व पुलिस के जवानों को निर्देशित किया कि सभी पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ अपने प्रतिनियुक्त स्थलों पर कार्य करें एवं हर एक गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाये रखें।

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