SAIL: वाजपेयी सरकार के बाद एक बार फिर पे रिवीजन में विलंब का बनेगा नया रिकॉर्ड, इंतजार में हजारों हो गए सेवानिवृत्त

SAIL तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 55 माह विलंब से पे रिवीजन हुआ था। उस समय कंपनी की माली हालत ठीक नही थी। लेकिन वर्तमान समय में सेल पिछले तीन साल में 13387 करोड़ रुपये के लाभ में है।

MritunjayWed, 28 Jul 2021 09:40 AM (IST)
सेल में 55 माह से ज्यादा समय से लंबित वेतन समझौता ( सांकेतिक फोटो)।

जागरण संवाददाता, बोकारो। महारत्न कंपनी सेल में वेतन पुनरीक्षण में हो रही देरी का रिकार्ड एक अगस्त 2021 को टूट जाएगा। ऐसा इसलिए की एक अगस्त को पे रिवीजन में विलंब के 56 माह पूरे हो जाएंगे। इससे पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय सेल में पे रिवीजन 55 माह के लिए लटका था। कंपनी में यह पहला मौका है जब रिवीजन की आस में हजारों संयंत्रकर्मी रिटायर होते जा रहे है और प्रबंधन व यूनियन के बीच केवल तारीख दर तारीख सिर्फ बैठक चल रही है। निर्णय शून्य है। 

तब कंपनी की माली हालत ठीक नहीं, आज फायदे में

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में रिवीजन में 55 माह का विलंब से हुआ था तो उस समय कंपनी की माली हालत ठीक नही थी। लेकिन वर्तमान समय में सेल ने पिछले तीन साल में 13387 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित की है। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन ने बीते एक वर्ष में 16560 करोड़ रुपये का कर्ज भी कम किया है। बावजूद इसके पे रिवीजन पर अब तक कोई फैसला नही होना अधिकारी-कर्मचारी संगठनों की साख पर सवाल खड़ा कर रहा है। सेल में अधिशासी व अनाधिशासी दोनों का वेतन पुनरीक्षण एक जनवरी 2017 से लंबित है।

बीएसएल के दस हजार अधिकारी-कर्मचारी होंगे लाभान्वित

बोकारो इस्पात संयंत्र में संचालित कुल दस सहकारी साख समिति में टीए-मेडिकल को-ऑपरेटिव 7.55 फीसद लाभांश दर के साथ अव्वल हो गई है।जबकि सिविल इलेक्ट्रीकल को-ऑपरेटिव में सदस्यों को 7 फीसद लाभांश दिया जाएगा। इस बाबत सभी विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले माह सभी सहकारी साख समिति की वार्षिक आम सभा होने के बाद संयंत्रकर्मियों को रकम का भुगतान उनके बैंक खाते में कर दिया जाएगा। जिससे कंपनी में कार्यरत लगभग दस हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बोकारो इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मियों को सस्ते दर पर ऋण आदि की सुविधा का लाभ देने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से प्रबंधन संयंत्र के अंदर व बाहर कुल दस को-ऑपरेटिव का संचालन कर रही है। जहां प्रतिवर्ष अलग-अलग सोसाइटी द्वारा अपने नफा नुकसान को देखते हुए सदस्यों को लाभांश दिया जाता है। साल 2020-21 में कोरोना के बावजूद लगभग सभी को-ऑपरेटिव सोसाइटी ने अच्छा कारोबार किया है। जिसके एवज में अब सदस्यों को उनके शेयर मनी के जमा कुल राशि पर लाभांश दी जाएगी।

किस सोसाइटी में मिलेगा कितना लाभांश 1. टीए मेडिकल - 7.55 फीसद 2. सिविल इलेक्ट0क्ल- 7 फीसद 3. पीएमसी सोसाइटी - 6 फीसद 4. आयरन-स्टील - 5.88 फीसद 5. मिल्स जोन - 5.7 फीसद 6. सीसीएफ सोसाइटी - 5.62 फीसद 7. स्टील फाउंड0ी - 5.5 फीसद 8. यातायात - 5.5 फीसद 9. ऑपरेशन-मैटनेंस - 5 फीसद 10. एडियम सर्विसेज - ऑडिट की प्रक्रिया जारी है ।

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