एसपी माइंस में कोयला ग्रेड घोटाले की जांच होनी चाहिए : चुन्ना

एसपी माइंस में कोयला ग्रेड घोटाले की जांच होनी चाहिए : चुन्ना

चितरा पूर्व विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि एसपी माइंस प्रबंधन अपनी करतूतों का खामियाजा भुगत र

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 06:46 PM (IST) Author: Jagran

चितरा : पूर्व विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि एसपी माइंस प्रबंधन अपनी करतूतों का खामियाजा भुगत रही है। यहां से स्टीम कोयले को ग्रेड सी में तब्दील कर विद्युत ताप गृह को एक चौथाई कीमत पर आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार को वह जागरण के साथ बातचीत कर रहे थे। कहा कि कोयले के ग्रेड घोटाले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि एसपी माइंस प्रबंधन वैसे जगहों पर कोयले का उत्खनन पर करा रही है। जहां की जमीन पेंचिदगी में फंसी हुई है। हालांकि उन जमीनों पर भी समस्याओं का समाधान करने के बाद कोयले का खनन किया जा सकता है। मगर मेरा दावा है कि सुगमता से कोयले का खनन हो सकता था जहां जमीन की एनओसी प्राप्त है। इसी कारण चितरा कोलियरी की सांसे फिलवक्त धीमी गति से चल रही है। इसका उत्पादन लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन सा प्रतीत होने लगा है। इससे न तो राज्य सरकार, केंद्र सरकार और ना स्थानीय लोगों को रॉयल्टी का हिस्सा सही ढंग से मिल सकेगा। इसका असर विकास कार्य पर पड़ सकता है। आगे कहा कि यहां का कोयला बेहतर किस्म का है। इसी कोयले को चूर्ण बनाकर सी ग्रेड के कोयले में परिवर्तित कर विद्युत ताप उत्पादक इकाइयों को चौथाई कीमत पर आपूर्ति की जाती है। यह पूरी तरह से ग्रेड घोटाला है। इसकी जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो करे। सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। ग्रेड घोटाले से केंद्र व राज्य सरकार को मिलनेवाली रॉयल्टी का चौथाई हिस्सा ही मिलता है। इतना ही नहीं स्थानीय विकास के लिए उसका 20 फीसद हिस्सा स्थानीय लोगों के विकास के लिए मिलना चाहिए। ऐसे में केंद्र, राज्य सहित स्थानीय विकास के लिए सही ढंग से पैसे नहीं मिलते हैं।

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