20 साल बाद आयी बिजली तो टोलावासी हुए बेहद खुश

20 साल बाद आयी बिजली तो टोलावासी हुए बेहद खुश

संवाद सूत्र मारगोमुंडा तकरीबन बीस साल बाद मुरलीपहाड़ी पंचायत के टिटिहियांटांड़ टोला

JagranThu, 04 Mar 2021 11:15 PM (IST)

संवाद सूत्र, मारगोमुंडा : तकरीबन बीस साल बाद मुरलीपहाड़ी पंचायत के टिटिहियांटांड़ टोला में बिजली आ गई है। इससे ग्रामीणों में खुशी है। तकरीबन 25-30 घरों की आबादी पंद्रह से बीस वर्षों से इस टोला में निवास करती है। लोग आज तक बिजली से वंचित थे। कारण टोला के लोग सीमा क्षेत्र की मार झेल रहे थे। बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्र जामताड़ा जिला के कुरूवा गांव से सटे होने के चलते वहां बिजली जल रही थी। और टोला में अंधेरा छाया हुआ था। टोला के लोग ढिबरी युग में जी रहे थे। तकरीबन तीन माह पूर्व ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से जिला परिषद सदस्य अबू अख्तर और पंचायत समिति सदस्य इलियास अंसारी को अवगत कराया। ग्रामीणों को हो रही बिजली की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग के अधिकारियों से मिलकर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया और बिजली बहाल करने की मांग रखी। अबू अख्तर ने बताया कि अधिकारियों से मिलकर बिजली बहाल कराने की मांग की थी जो पूरा हो गया। मौके पर ग्रामीण नूर मोहम्मद, बाबू अंसारी, जलालुद्दीन अंसारी, सलाउद्दीन अंसारी, हदीस अंसारी, सफाउल अंसारी, शहनाज बीबी, रुबिया बीबी व अन्य ने हर्ष जताया।

गोचर जमीन को चिन्हित कर लगाएं बोर्ड : बीडीओ साकेत कुमार सिन्हा ने अपने अधिकारियों से कहा कि अंचल क्षेत्र के सभी गांवों में स्थित गोचर भूमि पर बोर्ड लगाएं। परती कदीम पर किए जा रहे जोत आबाद की शिकायत वाले गांव में संबंधित लोगों को जमीन खाली करने को कहा गया। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं करते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सारठ अंचल ग्राम प्रधान संघ की बैठक गुरूवार को प्रखंड सह अंचल मुख्यालय सभागार में प्रधान संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी की अध्यक्षता तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी साकेत कुमार सिन्हा की मौजूदगी में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान अंचल क्षेत्र में रिक्त पड़े ग्राम प्रधान मूल रैयतों की बहाली की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की बात कही गई। ताकि अंचल में कार्य प्रभावित नही हो सके। वहीं सभी प्रधानों ने अंचलाधिकारी से खतियान उपलब्ध कराने की मांग की जिससे कार्यों के संचालन में आसानी हो। बैठक में पूर्व के प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए कई अहम प्रस्ताव भी लिए गए। वहीं समीक्षा के दौरान विभिन्न गांवों में कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने निजी स्वार्थ की खातिर गोचर भूमि को बड़े पैमाने पर दुरूपयोग कर उसकी उपयोगिता को नष्ट करने की शिकायत ग्राम प्रधान द्वारा अंचलाधिकारी से की गयी।

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