बालमो के ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं

बालमो के ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 08:00 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, करौं (देवघर): करौं प्रखंड मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर स्थित सीमावर्ती सारठ प्रखंड के 50 घरों के बालमो गांव की स्थिति विकास के दावों की कलई खोल रही है। गांव जाने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी होती है। गांव जाने के लिए पगडंडीनुमा सड़क है। बारिश होने के बाद इस सड़क पर चलना परेशानी का सबब बन जाता है। इतना ही नहीं, बरसात के दिनों में यह गांव टापू में बदल जाता है। गांव के एक ओर सिरियां स्थित जंगल, खेत-बहियार तो दूसरी ओर जामताड़ा के फोफनाद गांव का महाजोर नदी अवस्थित है। पूरब की ओर करौं प्रखंड के बेढ़ाजाल गांव होकर एक कच्ची सड़क है। बरसात के दिनों में वाहनों की बात दूर पैदल चलना मुश्किल है। कच्ची सड़क दलदल बन जाती है। जिस पर जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।

---------------

ग्रामीणों ने की सड़क पक्कीकरण की मांग

लखिन्द्र हेम्ब्रम, गोमेश्वर हेम्ब्रम, बिरजू हेम्ब्रम, पवन महतो, रोहित सिंह, व्यास सिंह, संजय सिंह, अरविद सिंह का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा लोगों को कई सुविधा देने की बात किया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त हो जाने के बाद लोगों की समस्याओं की ओर देखना भूल जाते हैं। सड़क की समस्या को दूर करने की दिशा में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की पहल नहीं की गई है। जिस कारण यहां के निवासी बदहाल जीवन गुजारने को विवश हैं। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि सड़क को शीघ्र दुरुस्त किया जाए ताकि परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

----

वर्जन

सड़क निर्माण की दिशा में सार्थक पहल किया जाएगा ताकि यहां की समस्याओं से लोगों को निजात दिलाई जा सके।

रीना देवी, मुखिया, दुमदुमी पंचायत

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.