डाहा में जनता के द्वार पर पहुंची सरकार को मिले 493 आवेदन

संवाद सूत्र हंटरगंज (चतरा) द्वार पर पहुंची सरकार को जनता से 493 आवेदन प्राप्त हुए मगर

JagranPublish:Wed, 24 Nov 2021 06:55 PM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 06:55 PM (IST)
डाहा में जनता के द्वार पर पहुंची सरकार को मिले 493 आवेदन
डाहा में जनता के द्वार पर पहुंची सरकार को मिले 493 आवेदन

संवाद सूत्र, हंटरगंज (चतरा) : द्वार पर पहुंची सरकार को जनता से 493 आवेदन प्राप्त हुए, मगर उनमें से एक का भी तत्काल निष्पादन नहीं हो पाया। सिर्फ आश्वासन मिला कि प्रक्रिया पूरी कर उन्हें निपटा दिया जाएगा। कहने का अभिप्राय यह कि मंगलवार को डाहा पंचायत सचिवालय परिसर में आयोजित 'आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम भी औपचारिक ही साबित हुआ। द्वार पर पहुंची सरकार की अगुवाई करने खुद उप विकास आयुक्त सुनील कुमार सिंह पहुंचे थे। उनके साथ स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी जयाशंखी मुर्मू और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी आये थे। पंचायत के मुखिया चंद्रदेव प्रसाद ने अतिथियों स्वागत किया। उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में कार्यक्रम का औचित्य बताया और जनता से लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों पर निगरानी की अपील की। कहा-यदि गरीबों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ सक्षम लोग ले रहे हों तो इसकी सूचना दें, ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। ऐसे लोग आपका ही हक छीन रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि सरकार की मंशा ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित करने की है। इस मौके पर विभिन्न विभागों की ओर से स्टाल लगाए गए थे। उन स्टालों पर फरियादियों की भीड़ लगी रही। इस बीच मनरेगा के 45, पीएम आवास के छह, पेंशन के 55, ई श्रम निबंधन के 110, बाल विकास परियोजना 13, कृषि के छह, पशुपालन के आठ, राजस्व संबंधी मामलों के चार, आपूर्ति विभाग से संबंधित 43, शिक्षा से संबंधित छह और बैंक से संबंधित 19 आवेदन प्राप्त हुए। हालांकि आन द स्पाट उनमें से एक का भी निष्पादन नहीं किया जा सका। सबको प्रक्रिया पूरी कर निपटाने का आश्वासन ही मिला। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में 75 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और 80 लोगों को कोविड रोधी टीका लगाया गया। कार्यक्रम में शामिल होने ज्यादातर लोग मामले का तत्काल निष्पादन नहीं होने से निराश नजर आए। उनका कहना था कि अब आवेदन पर हुई कार्रवाई के लिए प्रखंड और अन्य संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाना पडे़गा। कुल मिलाकर कार्यक्रम आवेदन संग्रह योजना बन कर रह गया है।