बेरमो को मानसून ऑफर, 40 फीसद अधिक बारिश

बेरमो बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के मौसम विभाग ने बेरमो अनुमंडल में इस बार के मानसून ऑफर

JagranMon, 14 Jun 2021 11:58 PM (IST)
बेरमो को मानसून ऑफर, 40 फीसद अधिक बारिश

बेरमो : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के मौसम विभाग ने बेरमो अनुमंडल में इस बार के मानसून ऑफर की जानकारी दी है। मतलब साफ है इस बारिश का लाभ ज्यादा मिलने वाला है। अनुमान के मुताबिक इस साल बीते वर्ष से 40 फीसद अधिक बारिश होगी, जिससे यहां के सभी खेत खिल उठेंगे। पिछले वर्ष-2020 के एक जून से 14 जून तक प्री मानसून के दौरान बेरमो क्षेत्र में कुल 33.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। उसकी तुलना में इस वर्ष-2021 के एक जून से 14 जून तक इस क्षेत्र में कुल 57.8 मिलीमीटर वर्षा हुई, जिसके तहत पिछले वर्ष की उस अवधि की तुलना में इस बार अबतक लगभग 40 फीसद अधिक बारिश हो चुकी। विगत वर्ष-2020 के एक जून से 31 अक्टूबर तक जहां बेरमो क्षेत्र में करीब एक हजार एमएम वर्षा हुई थी। वहीं इस बार उस अवधि में एक हजार 400 एमएम बारिश होने का अनुमान है। इसलिए इस बार के मानसून से बेरमो क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि इस बार के मानसून में जब झूमकर बरखा रानी बरसेगी तो धान की अधिक पैदावार होगी, जिससे उन सबकी स्थिति सुधर जाएगी। क्योंकि सिचाई की समुचित सुविधा के अभाव में इस क्षेत्र के अधिकतर किसान केवल वर्षा आधारित खेती पर ही निर्भर हैं। फिलहाल, कुछ किसानों ने अपने खेत में प्री मानसून के दौरान मकई व अरहर के साथ ही भिडी, परवर, झींगा आदि सब्जियां भी लगाई, जिसकी उपज होने पर आसपास के बाजार में बेचने से उन सबको काफी राहत मिली है। वहीं, अब धान की खेती करने की तैयारी में सभी किसान जुटे हुए हैं। कुछ किसानों ने अपने खेत में जोत-कोड़ भी शुरू कर दिया है। जबकि ज्यादातर किसान मानसून की बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं।

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फोटो : 14 बेरमो 19 इस बार के मानसून से काफी आस बंधी है कि धान की अच्छी खेती होगी। मानसून की शुरुआत होने के इंतजार में अबतक खेतों में धान के बीज नहीं डाले गए हैं, लेकिन तैयारी शुरू कर दी गई। ज्यादातर खेतों की जोताई की जा रही है।

- वासुदेव महतो, किसान धधकीडीह पिछरी

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फोटो : 14 बेरमो 20

बेरमो क्षेत्र के सभी किसानों को मानसून की बारिश होने का इंतजार है। हालांकि, रोहणी नक्षत्र के दौरान कम धूप पड़ने व गर्मी की कमी के कारण जमीन अच्छी तरह से तप नहीं पाई, जिसके कारण धान की फसल को कीड़े-मकोड़ों से नुकसान होने का अंदेशा है।

- प्रमोद महतो, किसान पिछरी बस्ती

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फोटो : 14 बेरमो 21

पूर्व के कई वर्षों के दौरान मानसून की दगाबाजी के कारण इस क्षेत्र के कई किसानों की हालत बेहद खस्ता हो गई। इस बार के मानसून से अच्छी खेती होने की उम्मीद है। इसलिए अधिकतर किसान अपने खेत में जोत-कोड़ करने को जुट गए हैं।

- संतोष रविदास, किसान चलकरी ग्राम

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फोटो : 14 बेरमो 22

बेरमो क्षेत्र के सभी किसान मानसून के आमद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही धान के बीज लगाने के लिए अपने खेत को तैयार भी कर रहे हैं। बारिश होते ही धान के बीज लगाना शुरू कर दिया जाएगा। ताकि पौधे तैयार होते ही उसे लगाया जा सके।

- फूलचंद रविदास, किसान रेहवाघाट ढोरी

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फोटो : 14 बेरमो 23

इस बार प्री मानसून के दौरान भी काफी बारिश हुई, लेकिन तब धान के बीज लगाने का रिस्क किसानों ने नहीं लिया। क्योंकि अधिकतर किसान हाइब्रिड बीज का उपयोग करते हैं, जिससे पौधे 20-25 दिन में ही तैयार होकर खेत में लगाने के योग्य हो जाते हैं।

- राजकुमार गिरि, किसान ढोरी बस्ती

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