पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना कोयला उत्पादन करना लक्ष्य

करगली (बेरमो) सीसीएल के निदेशक तकनीकी पीएंडपी (डायरेक्टर टेक्निकल प्रोजेक्ट एंड प्लानि

JagranSun, 05 Dec 2021 09:47 PM (IST)
पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना कोयला उत्पादन करना लक्ष्य

करगली (बेरमो) : सीसीएल के निदेशक तकनीकी पीएंडपी (डायरेक्टर टेक्निकल प्रोजेक्ट एंड प्लानिग) सत्येंद्र कुमार गोमास्ता ने रविवार को बेरमो कोयलांचल अंतर्गत ढोरी प्रक्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने महाप्रबंधक एमके अग्रवाल व सीसीएल अधिकारियों के संग अमलो व कल्याणी परियोजना का निरीक्षण किया। उसके बाद खास ढोरी स्थित अंडरग्राउंड माइंस 4, 5 व 6,7,8 इंक्लाइन का भी जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों से उन्होंने कोयला उत्पादन के संभावित स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सुरक्षा के ²ष्टिकोण से जरूरी पहल करने का निर्देश दिया। उन्होंने अमलो व कल्याणी परियोजना के व्यू प्वाइंट से खदान का अवलोकन किया। साथ ही परियोजना परिसर पौधारोपण भी किया। कहा कि पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना कोयला उत्पादन करना सीसीएल का लक्ष्य है। हाईवाल कोल माइनिग चालू कराना है। इसके लिए तीन माह के अंदर टेंडर निकाला जाएगा। बताया कि हाईवाल कोल माइनिग की नई टेक्नोलाजी आ गई है, जिसके तहत सुरक्षित वातावरण में कोयला उत्पादन किया जाएगा। आउटसोर्सिंग कंपनियों को भी सुरक्षित वातावरण में कोयला उत्पादन कराने के लिए समय-समय पर निर्देश दिया जाता है। विस्थापितों व प्रबंधन के बीच जो भी खालीपन है, उसे भरने का काम किया जाएगा। विस्थापितों के प्रति सीसीएल प्रबंधन की पूरी सहानुभूति है। किसी भी विस्थापित को वाजिब अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। खदानों के निरीक्षण के बाद उन्होंने ढोरी जीएम आफिस स्थित सभागार में स्थानीय सीसीएल अधिकारियों के साथ बैठक कर कई दिशा-निर्देश दिया। --अमलो व्यू प्वाइंट मार्ग को वन-वे बनाने का निर्देश : सीसीएल के निदेशक तकनीकी पीएंडपी गोमास्ता ने स्थानीय प्रबंधन को अमलो व्यू प्वाइंट मार्ग को वनवे बनाने का निर्देश दिया। कहा कि अमलो व्यू प्वाइंट मार्ग में समुचित लाइटिग की भी व्यवस्था की जाए। माइंस में सुरक्षा के प्रति विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि कोई भी दुर्घटना न घटे।उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से खुली खदानों के चारों ओर ड्रेडलाक बनवाया जाए। बताया कि खुली खदान के चारों ओर ड्रेडलाक नहीं रहने के कारण दुर्घटना की संभावना रहती है।

--माइंस में संसाधनों की नहीं होने दी जाएगी कमी : सीसीएल के निदेशक तकनीकी ने कहा कि कोयले का उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया जाए, जो भी संसाधन चाहिए सीसीएल मुख्यालय की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। माइंस में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सभी विस्थापित कोयला निकासी कराने में सीसीएल प्रबंधन को सहयोग करें। विस्थापितों को वाजिब अधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। विस्थापितों को कोल इंडिया की आरआर पालिसी के तहत नियोजन व मुआवजा दिया जाएगा। मौके पर सीसीएल ढोरी प्रक्षेत्र के एसओपी प्रतूल कुमार, सीएसआर अधिकारी शैलेश कुमार, कार्मिक पदाधिकारी सुरेश सिंह, एसओसी सतीश सिन्हा, एसओ ईइंडएम जयशंकर प्रसाद, कर्मिक प्रबंधक मो. तौकीर, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सीता राम यूके एवं परियोजना पदाधिकारी अरविद शर्मा सहित सौरभ कुमार, गौरव कुमार, एके मिश्रा, शैलेश प्रसाद आदि सीसीएल अधिकारी मौजूद थे।

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