सेल के छह जीएम के लिए बना फास्ट ट्रैक, विरोध शुरू

बोकारो स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में जीएम से सीजीएम के पदोन्नति आदेश को लेक

JagranSun, 28 Nov 2021 08:43 PM (IST)
सेल के छह जीएम के लिए बना फास्ट ट्रैक, विरोध शुरू

बोकारो : स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में जीएम से सीजीएम के पदोन्नति आदेश को लेकर उहापोह की स्थिति बन गई है। ऐसा इसलिए कि पद के हकदार उम्मीदवारों में छह अधिकारियों को फास्ट ट्रैक द्वारा प्रमोशन देने की तैयारी कंपनी प्रबंधन ने की है। इसके विरोध में सेल अधिकारियों का संगठन सेफी व एनसीओ अब खुलकर सामने आ गई है। स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन आफ इंडिया सेफी की ओर से जहां फास्ट ट्रैक प्रमोशन में संशोधन को लेकर सेल अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है। वहीं नेशनल कनफेडरेशन आफ आफिसर एसोसिएशन एनसीओए ने इस योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग इस्पात मंत्रालय से की है। दोनों संगठनों का मकसद साफ है कि जो अधिकारी कंपनी हित में लंबे समय से अपनी सेवा दे रहे है, प्रमोशन के पहले हकदार वही होने चाहिए। सेल में जीएम से सीजीएम पद का प्रमोशन 30 जून 2021 से लंबित है। इस बाबत उम्मीदवारों का साक्षात्कार समाप्त हो चुका है। परिणाम की घोषणा अगले माह की जाएगी। साक्षात्कार में बोकारो इस्पात संयंत्र सहित अन्य इकाई के लगभग 400 अधिकारी शामिल हुए। इनमें 60 से 65 अफसरों को सीजीएम पद पर पदोन्नति दिए जाने की मंशा प्रबंधन की है। फास्ट ट्रैक प्रमोशन में संबंधित इकाई के प्रभारी उम्मीदवारों को इस पद के लिए तीन से चार साल में ही साक्षात्कार में शामिल होने का अवसर प्रदान कर दिया। इससे उनकी पदोन्नति की राह आसान होती दिख रही है। यही नहीं अपने चहेते अफसर के प्रमोशन के लिए उन्होंने लगातार तीन साल तक सीसीआर के मद में उन्हें ओ ग्रेड भी दे दिया। इनमें ज्यादातर अफसर सीएमओ यूनिट व अन्य अपने विभाग प्रमुख के तकनीकी सलाहकार बताए जाते हैं।

बात का खुलासा होने के बाद सेल अधिकारियों का संगठन तीव्र जोर विरोध कर रही है। संगठन का कहना है कि जो अधिकारी बीते पांच से सात-आठ वर्ष तक जीएम के पद पर कार्यरत हैं, उनकी कार्यकुशलता की उपेक्षा कर फास्ट ट्रैक की ओर से चहेते अफसरों को प्रमोशन देने से इसका प्रतिकूल प्रभाव कंपनी के उत्पादन पर होगा। सेल में जीएम से सीजीएम प्रमोशन को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। फास्ट ट्रैक का सहारा लेकर कतिपय अफसरों को समय से पूर्व प्रमोशन देने की योजना प्रबंधन की है। एनसीओ व सेफी ने इसका तीव्र विरोध किया है। इसकी शिकायत अब इस्पात मंत्रालय व पीएमओ से की जाएगी।

विमल कुमार विशी, सदस्य, नेशनल कनफेडरेशन आफ ऑफिसर एसोसिएशन

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