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सफाई कर्मियों की हड़ताल के पहले दिन ही लगे गंदगी के ढेर

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : शुक्रवार को नगर परिषद के सभी 150 सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन कामछोड़ हड़ताल पर चले गए, जिसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। अस्थायी सफाई कर्मी 25 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक नगर परिषद दफ्तर परिसर में सरकार को चेताने के लिए धरना-प्रदर्शन करते रहे थे, लेकिन सरकार पर इन धरना-प्रदर्शनों का कोई असर नहीं हुआ। जिसके चलते अस्थायी कर्मियों का समर्थन करते हुए स्थायी कर्मचारियों ने भी हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था।

नगर परिषद ऊधमपुर में 60 अस्थायी और 90 स्थायी सफाई कर्मचारी हैं, जिन पर शहर के सभी 21 वार्डो की सफाई व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है। सफाई कर्मचारी यूनियन ऊधमपुर के प्रधान काका हुसैन व गिरधारी लाल की अध्यक्षता में सफाई कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 जनवरी 2019 से उन्होंने 12 दिनों की हड़ताल की थी। जिसके बाद लोकल बॉडी डायरेक्टर ने 23 जनवरी 2019 को उन्हें लिखित में दिया था कि एसआरओ 520 उन पर लागू नहीं होगा। लेकिन अब एक साल बाद सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके सफाई कर्मियों को स्थायी करने की बारी आई तो उन्होंने एसआरओ 520 को फिर से लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि हम इस एसआरओ को लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक वे लोग धरना-प्रदर्शन करते रहे, लेकिन फिर भी उनकी मांगें नहीं मानी गई, जिसके चलते वे लोग काम छोड़ हड़ताल करने को मजबूर हो गए।

सफाई कर्मचारियों की अपनी लंबित मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल के चलते पहले दिन शहर के मुख्य बाजारों व विभिन्न चौकों पर कचरे के ढेर लग गए। कचरे के ढेरों में मवेशी मुंह मारते नजर आए। इतना ही नहीं कचरे के ढेरों से उठने वाली बदबू के चलते आने-जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि मुहल्ले में लोगों के घरों से कचरा उठाने के लिए आने वाले ऑटो रोजाना की तरह घरों से कचरा एकत्रित कर ले गए, लेकिन शहर के चौक चौराहों पर बने डंपर स्टेशनों में कचरे के ढेर लगे रहे। सफाई कर्मियों की मुख्य मांगें

- एसआरओ 520 को खत्म करना

- विभाग में स्टाफ की कमी को पूरा करना

- सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अस्थायी कर्मियों को स्थायी करना। रामनगर में भी सफाई व्यवस्था चरमराई

ऊधमपुर : रामनगर तहसील में भी सफाई कर्मचारियों ने अपनी काम छोड़ हड़ताल के चलते प्रधान खेमराज की अध्यक्षता में म्यूनिसिपल कमेटी रामनगर कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल के चलते रामनगर कस्बे में भी कचरे के ढेर लगे रहे। जिसके चलते आने-जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रधान का कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक वे लोग हड़ताल जारी रखेंगे।

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