स्वच्छता की राह देख रहा आधार शिविर कटड़ा

मां वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा भी स्वच्छता की राह ताक रहा है। यहां जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर मुख्य बाजार के साथ ही सभी प्रमुख मार्गों पर नालियों से बहता गंदा पानी से आए दिन देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को दो-चार होना पड़ता है। इसका मुख्य कारण प्रशासन का उदासीन रवैया है। प्रशासन की अनदेखी के कारण इस विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल पर न तो अभी तक न तो सीवरेज और न ही कचरा निस्तारण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (सटीपी) की व्यवस्था है।

JagranPublish:Thu, 02 Dec 2021 08:44 PM (IST) Updated:Thu, 02 Dec 2021 08:44 PM (IST)
स्वच्छता की राह देख रहा आधार शिविर कटड़ा
स्वच्छता की राह देख रहा आधार शिविर कटड़ा

राकेश शर्मा,कटड़ा : मां वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा भी स्वच्छता की राह ताक रहा है। यहां जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, मुख्य बाजार के साथ ही सभी प्रमुख मार्गों पर नालियों से बहता गंदा पानी से आए दिन देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को दो-चार होना पड़ता है। इसका मुख्य कारण प्रशासन का उदासीन रवैया है। प्रशासन की अनदेखी के कारण इस विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल पर न तो अभी तक न तो सीवरेज और न ही कचरा निस्तारण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (सटीपी) की व्यवस्था है। इतना ही नहीं नगरपालिका कटड़ा भी कस्बे की स्वच्छता को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन कस्बे में जगह-जगह नजर आने वाले कचरे के ढेर दावों की पोल खोल रहे हैं। मां वैष्णो देवी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु मां वैष्णो देवी यात्रा का सुखद अनुभव तो लेता है, लेकिन कटड़ा में फैली गंदगी उनकी आस्था को ठेस पहुंचा रही है। कई बार तो श्रद्धालु कचरे को ढेर को लेकर अपनी नाराजगी भी जता चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगरपालिका कोई उचित कदम नहीं उठा रही है। इसका खामियाजा श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है।

टन तलाब क्षेत्र बना कचरा ग्राउंड

कटड़ा के साथ लगते टन तालाब क्षेत्र में नगर पालिका की ओर से कचरा फेंका जा रहा है, लेकिन यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण वहां ग्रामीणों को दुर्गंध के साथ ही मक्खी मच्छर आदि का सामना लगातार करना पड़ रहा है। अक्सर यहां एकत्र कूड़े कचरे में लगी आग के कारण आसपास के गांव में धुआं फैल जाता है। इससे ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। लेकिन नगर पालिका टन तालाब क्षेत्र में एसटीपी आज तक लगाने के लिए उचित कदम नहीं उठाया।

सफाई कर्मचारियों की कमी भी है मुख्य वजह

कटड़ा की सफाई का जिम्मा करीब 160 कर्मचारी संभाले हुए हैं। इनमें 70 के करीब नियमित सफाई कर्मचारी हैं जबकि 96अस्थाई कर्मचारी हैं। कई वर्षों से नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती तक नहीं की गई है। वर्ष 2010 में करीब 40 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई थी तो वर्ष 2014 में करीब 38 सफाई कर्मियों को नियमित किया गया था, लेकिन उसके बाद नगर पालिका द्वारा ना तो नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई और ना ही इंतजार कर रहे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया गया। कटड़ा में 600 के करीब होटल, गेस्ट हाउस तथा धर्मशाला हैं। 13 वार्ड में फैला कटड़ा की समुचित सफाई के लिए काफी संख्या में सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।

कागजों में डोर टू डोर कचरा उठाने की नीति

डोर टू डोर कचरा उठाने को लेकर नगर पालिका अक्सर ढोल पिटती रहती है और कटड़ा के सभी प्रमुख चौराहों आदि पर भी बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन असलियत यह है कि नगर पालिका की ओर से घरों के साथ ही होटल,गेस्ट हाउस, धर्मशाला आदि से कचरा उठाने का किराया तो वसूल जाता है लेकिन डोर टू डोर कचरा उठाने कोई नहीं आता है।

अंडरग्राउंड डस्टबिन भी चिढ़ा रहे हैं मुंह

प्रशासन द्वारा कटड़ा के मुख्य बस अड्डा के साथ ही काउंटर नंबर दो अंतर राज्य बस अड्डा आदि स्थानों पर अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाए गए हैं ताकि लोग खुले में कचरा न फेंके, लेकिन इन अंडरग्राउंड डस्टबिन को समय पर नगर पालिका की ओर से खाली ना किए जाने पर लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं। ऐसे में बस अड्डा, काउंटर नंबर दो और अंतर राज्य बस अड्डा, मुख्य बाजार, बाणगंगा मार्ग ,उधमपुर मार्ग आदि स्थानों पर गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं।

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फोटो कैप्शन। शाम पुजारी, व्यवसायी व समाजसेवी, कटड़ा।

स्वच्छता को लेकर गंभीर नहीं नगरपालिका

कटड़ा के प्रमुख व्यवसायिक तथा समाज सेवक श्याम पुजारी कहना है कि नगरपालिका स्वच्छता को लेकर गंभीर नहीं है। स्वच्छता के नाम पर सिर्फ कागजों में घोड़ा दौड़ा रही है। यही वजह है कि कस्बे में गंदगी का साम्राज्य है। हालांकि नगरपालिका

स्वच्छता के नाम पर हर माह घर-घर और होटलों आदि से किराया वसूल रही है, लेकिन कचरा उठाने के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं आता है। इतना ही नहीं, नगर पालिका कार्यालय से मात्र कुछ मीटर दूरी पर ही गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। काउंटर नंबर दो अंतर राज्य बस अड्डा डंपिग यार्ड बनकर रहा गया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका को स्वच्छता अभियान के प्रति गंभीर होना होगा तभी कस्बा स्वच्छ और सुंदर दिखेगा।

कस्बे को साफ रखने का प्रयास कर रही है नगर पालिका : विमल इंदु

कटड़ा नगर पालिका अध्यक्ष विमल इंदु ने कहा कि कटड़ा को साफ सुथरा रखने को लेकर हर संभव कोशिश की जा रही है। स्वच्छता को लेकर विभिन्न स्तर पर कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीवरेज व्यवस्था लागू करने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। इस परियोजना पर करीब 199 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी के लिए परियोजना को केंद्र के पास भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि टन तालाब क्षेत्र बनाए गए डंपिग यार्ड में जल्द ही 72 लाख रुपये की लागत से गड्ढे बनाए जाएंगे, जिसमें गीला कचरा डालकर खाद तैयार की जाएगी। कस्बे में सभी प्रमुख स्थलों पर अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाए गए हैं, क्योंकि नगरपालिका के पास इन अंडरग्राउंड डस्टबिन को उठाने के लिए वाहन नहीं है। अंडरग्राउंड डस्टबिन उठाने के लिए श्राइन बोर्ड पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में साफ सफाई में मुश्किल आ रही है। उन्होंने कहा कि खुले कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए नगरपालिका कर्मियों की टीमें गठित करेंगी, जो खुले कचरा फेंकने वालों से जुर्माना वसूलेगी। साथ ही लोगों को जागरूक भी करेगी।