Courier Delivery on Horse: कश्‍मीर में सड़कों पर बर्फ से रास्ते हो गए बंद...शिराज ने घोड़े पर लोगों तक पहुंचाई अमानत

श्रीनगर में कोरियर कंपनी में डिलीवरी ब्वाय शिराज अहमद ने घोड़े पर सवार होकर लोगों को पार्सल पहुंचाए।

श्रीनगर में भारी बर्फबारी हो रही थी। तमाम रास्ते बंद थे। जिंदगी मानो ठहर सी गई थी। इन हालात में एक कोरियर कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी ब्वाय शिराज अहमद ने अपने घोड़े पर सवार होकर बर्फ को पार कर लोगों तक जरूरी सामान व दवाओं के पार्सल पहुंचाए।

Lokesh Chandra MishraWed, 20 Jan 2021 05:00 AM (IST)

श्रीनगर, रजिया नूर: ...शहर में भारी बर्फबारी हो रही थी। तमाम रास्ते बंद थे। सड़कें, गली-कूचे पौने दो फीट बर्फ के नीचे ढक चुके थे। मौसम व हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सड़कों से बर्फ हटाने तक एहतियातन अपने निजी वाहनों को कम से कम बाहर निकालने की सलाह दी थी। जिंदगी मानो ठहर सी गई थी। इन हालात में लोगों को जरूरी सामान भी नहीं मिल पा रहा था।

ऐसे में एक कोरियर कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी ब्वाय 22 वर्षीय शिराज अहमद ने अपने घोड़े पर सवार होकर श्रीनगर शहर के तंग गली कूचों से गुजर कर बर्फ को पार कर लोगों के घरों तक जरूरी सामान व दवाओं के पार्सल पहुंचाए।

शिराज ने बताया कि वह बीए अंतिम वर्ष का छात्र है। साथ में मैं एक निजी कोरियर कंपनी में बतौर डिलीवरी ब्वाय का काम करता है। इस काम से मिलने वाली राशि मैं अपनी पढ़ाई पर खर्च करता है। शिराज के अनुसार पिछले सप्ताह उसके पास लोगों को देने के लिए कई पार्सल आए थे। उस दिन बर्फबारी के बीच मुझसे जितना हो सकता था, मैंने पार्सल लोगों तक पहुंचा दिए। अगले तीन दिन तक भारी बर्फबारी ने लोगों को घरों से निकलने तक नहीं दिया। तमाम सड़कें, गली-कूचे बर्फ से ढक गए थे। गाड़ी तो दूर, लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल था। कश्मीर का देश-दुनिया से सड़क व हवाई संपर्क भी पूरी तरह कट गया था। बर्फबारी के चलते हमारा सारा स्टाफ घरों में कैद होकर रह गया था।

किसी की दवाएं तो किसी की किताबों के पार्सल मेरे पास थे : शिराज

शिराज के अनुसार लोग मुझे बार-बार फोन कर रहे थे। किसी का दवाओं का पार्सल मेरे पास था तो कइयों की किताबें और अन्य जरूरी सामान। मैं बहुत बेचैन हो रहा था। मैं दो दिन सो नहीं पाया। प्रशासन ने सड़क से बर्फ तो हटाई, लेकिन गली-कूचों से बर्फ न हटाए जाने से रास्ते बंद थे।

मैंने सोचा जब तक बर्फ हटाई जाएगी तब तक शायद बहुत देर न हो जाए। मुझे ज्यादा फिक्र उन मरीजों की थी, जिनकी दवाओं के पार्सल मेरे पास पड़े थे। मेरा पास मेरा घोड़ा स्मोकी है। तब मुझे ख्याल आया। मैंने पार्सल उठाए और घोड़े पर सवार होकर निकल पड़ा। मैं बर्फ को पार कर लोगों के घरों तक पहुंचा और उनकी अमानत उन तक पहुंचाई।

लोग हैरान भी हुए और दुआएं भी दी: शिराज ने कहा कि जब लोगों ने मुझे घोड़े पर सवार अपने घर के दरवाजे पर देखा तो वह हैरान भी हुए और मुझे दुआएं भी दी। उसने कहा कि ऐसा नहीं कि कंपनी ने उन्हेंं यह काम करने के अगल से पैसे दिए। बस, जरूरतमंद लोगों की मदद करने में मुझे काफी संतुष्टि मिली। हालांकि श्रीनगर की ज्‍यादातर गलियों से बर्फ हटाने के बाद अब वहां आसानी से वाहनों की आवाजाही भी जारी है। शिराज के बर्फबारी के दौरान किए इस नेक काम की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं और लोग उन्हेंं दुआएं दे रहे हैं।

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