जम्मू कश्मीर में इस वित्तीय वर्ष में 51 हजार के निवेश प्रस्ताव की उम्मीद

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने निवेशकों से कहा है कि वह जम्मू कश्मीर में बेहिचक आएं। प्रदेश सरकार ने उनके लिए विस्तृत योजना भी तैयार रखी है। यहां उद्योग एवं वाणिज्य के विकास में जो भी अवरोधक थे वह सब हट चुके हैं।

JagranWed, 01 Dec 2021 05:09 AM (IST)
जम्मू कश्मीर में इस वित्तीय वर्ष में 51 हजार के निवेश प्रस्ताव की उम्मीद

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने निवेशकों से कहा है कि वह जम्मू कश्मीर में बेहिचक आएं। प्रदेश सरकार ने उनके लिए विस्तृत योजना भी तैयार रखी है। यहां उद्योग एवं वाणिज्य के विकास में जो भी अवरोधक थे, वह सब हट चुके हैं। यहां पर शांति, स्थिरता, खुशहाली और आर्थिक विकास का सूर्याेदय हो चुका है।

कोलकाता में मंगलवार को आयोजित सम्मेलन में कन्फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) के प्रतिनिधियों और पूर्वोत्तर भारत के उद्योगतियों व निवेशकों को जम्मू कश्मीर में निवेश के लिए प्रेरित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आर्थिक विकास और लाभकारी पूंजी निवेश का हर संभव अवसर उपलब्ध है, इसका लाभ उठाएं। प्रदेश में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआइआइटी) के ईज आफ डूइंग बिजनेस के सभी 301 कारोबारी सुधार 31 दिसंबर 2021 से पहले ही कार्यान्वित हैं। एकल खिड़की पोर्टल पर 120 सेवाएं आनलाइन हैं। इसे जल्द ही राष्ट्रीय एकल खिड़की तंत्र के साथ एकीकृत किया जा रहा है।

सम्मेलन का आयोजन जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रोमोशन आर्गनाइजेशन (जेकेटीपीओ) और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने किया था। इसमें उपराज्यपाल ने बताया कि प्रस्तावित निवेश 31 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुके हैं और मौजूदा वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद है। जमीन की मांग को पूरा करने के लिए लैंड बैंक विकसित किया जा रहा है। 31 मार्च तक उत्पादन शुरू करें तभी मिलेगी छूट

उपराज्यपाल ने कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए लगाए गए लाकडाउन के कारण निर्धारित समय पर उत्पादन शुरू करने में नाकाम रही औद्योगिक इकाइयों के लिए एक बार की छूट का एलान किया है। इन इकाइयों को 31 मार्च 2022 तक उत्पादन शुरू करना होगा तभी संबधित लाभ मिलेंगे, अन्यथा नहीं। वर्ष 2022 के दिसंबर अंत तक कश्मीर में रेलगाड़ी भी पहुंच जाएगी। महिला उद्यमियों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र

उपराज्यपाल ने कहा कि महिला उद्यमियों के लिए भी जम्मू कश्मीर में सभी संभावनाएं हैं। हैदराबाद के बाद जम्मू कश्मीर ही देश का दूसरा ऐसा क्षेत्र है, जहां ऊधमपुर में महिला उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र की सुविधा है। सुरक्षा और विश्वास का माहौल

उपराज्यपाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में निवेशक शांति और सुरक्षा को पहली आवश्यकता मानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं यकीन दिलाता हूं कि अगस्त 2019 के बाद से जम्मू कश्मीर अपराध-मुक्त, भय-मुक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रदेश हो गया है। इसी साल जुलाई में जम्मू कश्मीर में 10.5 लाख पर्यटक आए। अगस्त में यह आंकड़ा 11.28 लाख, सितंबर में 12.8 लाख और अक्टूबर में 13 लाख को पार कर गया। यह आंकड़े शांति व्यवस्था का प्रमाण हैं। कुशल श्रम की कमी नहीं

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम आयु वर्ग की है। कुशल श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए इंडस्ट्री 4.0 की तकनीकी ट्रेनिग पर भी टाटा टेक्नोलाजी की मदद से प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बना रही है। स्कूल के स्तर से वोकेशनल ट्रेनिग शुरू की गई है। देश में अकेला जम्मू कश्मीर ऐसा क्षेत्र है जहां एम्स, आइआइटी और आइआइएम जैसे तीन प्रमुख और प्रतिष्ठित संस्थान हैं।

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