बागियों में सिर्फ बेग ही पहुंचे बैठक में, अन्य रहे नदार

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी में लगातार बढ़ती अंतर्कलह की आग अभी भी सुलग रही है। इसका संकेत सोमवार को पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई पार्टी कोर समूह की बैठक में मिला, जिसमें चार विधायक और दो एमएलसी शामिल नहीं हुए। केवल बागियों में शामिल बारामुल से विधायक जावेद हसन बेग ही बैठक में पहुंचे।

पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार गत जून में भंग होने के बाद पीडीपी में महबूबा की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे थे। विधायक इमरान रजा अंसारी, आबिद अंसारी, अब्दुल मजीद पडर, जावेद हसन बेग, एमएलसी सैफुद्दीन बट और यासिर रेशी ने खुलेआम बगावत का झंडा बुलंद किया था। इसके अलावा पूर्व वित्तमंत्री डॉ. हसीब द्राबू भी महबूबा मुफ्ती से नाराज हैं। गत शनिवार को उन्होंने संगठन की राजनीतिक सलाहकार समिति का सदस्य बनने से विनम्र इनकार करते हुए कहा था कि समिति संगठन के संविधान के मुताबिक कम, संगठन में लोगों को खुश करने का प्रयास ही ज्यादा है।

पंचायत व स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति तय करने के लिए पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने सोमवार को सभी विधायक, एमएलसी और संगठन के सभी वरिष्ठ नेताओं को बुलाया था। यह बैठक महबूबा के सरकारी निवास गुपकार स्थित फेयर व्यू में हुई और करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में तीन बागी विधायक अब्दुल मजीद पडर, आबिद अंसारी और इमरान रजा अंसारी शामिल नहीं हुए। दो एमएलसी यासिर रेशी व सैफुद्दीन बट भी बैठक से दूर रहे। डॉ. हसीब द्राबू ने भी बैठक में शामिल होना उचित नहीं समझा। अलबत्ता, बागियों में शामिल जावेद हसन बेग बैठक में पहुंच गए। बेग ने बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों से बचना ही बेहतर समझा। उनके करीबियों की मानें तो उन्हें बैठक में भाग लेने के लिए उनके चाचा मुजफ्फर हुसैन बेग जो उत्तरी कश्मीर के सांसद हैं और पीडीपी के संस्थापक सदस्यों में एक हैं, ने मनाया है।

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