कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष से वार्ता की गुंजाइश नहीं: सिन्हा

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत की सियासत करने वालों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो टूक सुनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार की इस मुद्दे पर नीति पूरी तरह स्पष्ट है। जम्मू कश्मीर हमारे देश का अविभाज्य अंग है। इसलिए स्थायी शांति बहाली और कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बातचीत सिर्फ जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ ही होगी। इस मामले में किसी तीसरे पक्ष या किसी अन्य मुल्क के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।

JagranPublish:Fri, 03 Dec 2021 05:21 AM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 05:21 AM (IST)
कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष से वार्ता की गुंजाइश नहीं: सिन्हा
कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष से वार्ता की गुंजाइश नहीं: सिन्हा

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत की सियासत करने वालों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो टूक सुनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार की इस मुद्दे पर नीति पूरी तरह स्पष्ट है। जम्मू कश्मीर हमारे देश का अविभाज्य अंग है। इसलिए स्थायी शांति बहाली और कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बातचीत सिर्फ जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ ही होगी। इस मामले में किसी तीसरे पक्ष या किसी अन्य मुल्क के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। जम्मू कश्मीर की जनता शांति और विकास चाहती है। वह हिसा और अलगाववाद के पूरी तरह खिलाफ है। हम जम्मू कश्मीर को भ्रष्टाचार मुक्त, सुरक्षित, शांत और विकसित प्रदेश बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं।

एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उपराज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर लगातार शांति, विकास और सुख समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है। बीते दो वर्ष में जम्मू कश्मीर कितना बदला है, इसका उत्तर मैं दूं.. इससे बेहतर है कि यह सवाल जम्मू कश्मीर के लोगों से पूछा जाए। उन्होंने कहा 2018-19 के दौरान 67 हजार करोड़ खर्च करने के बावजूद 10 हजार से कम परियोजनाएं पूरी हुई थीं, जबकि 2019-20 में 63 हजार करोड़ में 21 हजार परियोजनाएं पूरी की गई हैं। यह एक बड़ा बदलाव है। 11 हजार युवाओं को बिना किसी भेदभाव नौकरी दी है। सड़क निर्माण में जम्मू कश्मीर 11वें से तीसरे स्थान पर आ गया है। पहले हर साल 25-2600 किलोमीटर लंबी सड़कें पक्की होती थीं, लेकिन बीते साल 5600 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार हुई। इस साल हम आठ हजार किलोमीटर लंबी सड़कें पूरी करेंगे। प्रदेश में इस समय 25 हाईवे निर्माणाधीन हैं। अब श्रीनगर से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू हो चुकी है। किसानों की आय 19 हजार रुपये प्रतिमाह

उपराज्यपाल ने कहा कि किसानों की आय के मामले में हम पांचवें स्थान पर हैं। जम्मू कश्मीर में प्रत्येक किसान की औसत मासिक आय 19 हजार रुपये है। पहले सिर्फ कुल क्षमता का 3500 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन हो रहा था, लेकिन अगले पांच साल में इसे दोगुना बना रहे हैं। सात नए मेडिकल कालेज खोले गए हैं। दो एम्स और दो कैंसर संस्थान और नर्सिग कालेज भी बनाए जा रहे हैं। पटरी पर लौट रहा पर्यटन

उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन फिर पटरी पर लौट रहा है। जून 2020 में 1935 पर्यटक आए थे जो सितंबर 2021 तक 12,82,572 तक पहुंच गए। श्रीनगर में सभी बड़े होटलों में शत-प्रतिशत बुकिग हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत 31 हजार करोड़ से अधिक निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। 15 हजार करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। कश्मीरी हिदुओं की वापसी की प्रक्रिया प्रगति पर

मनोज सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्ति के बाद आज सभी पात्र लोगों को आरक्षण का लाभ मिलने लगा है। महिलाओं को डोमिसाइल का अधिकार मिला है। विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कश्मीर वापसी और पुनर्वास की प्रक्रिया को गति दी गई है। प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत छह हजार पदों में से अधिकांश पर नियुक्तियां हो चुकी है। इसके अलावा 3500 मकान भी बनाए जा रहे हैं। कश्मीरी अवाम राष्ट्रभक्त

हाल ही में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी पर उपराज्यपाल ने कहा कि कश्मीरी अवाम पूरी तरह से राष्ट्रीय मुख्यधारा में हैं, वह राष्ट्रभक्त है। पहली बार इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी स्कूलों, कालेजों और पंचायतों में राष्ट्रध्वज फहराया गया। इसलिए हताश आतंकी व उनके सरगनाओं ने निर्दाेष नागरिकों पर हमले की साजिश की है। सरकारी तंत्र में बैठे आतंकियों व अलगाववादियों के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। परिसीमन के बाद ही चुनाव

उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री पिछले माह जम्मू कश्मीर के दौरे पर आए थे। उन्होंने उस दौरान उन्होंने सबके सामने एलान किया कि परिसीमन की प्रक्रिया के संपन्न होते ही जम्मू कश्मीर में चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा भी लौटाया जाएगा। संसद ही जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटा सकती है।