गाधी का हिंदुस्तान गोडसे के हिंदुस्तान में बदलता जा रहा : महबूबा

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। महबूबा ने कहा कि महात्मा गाधी का हिंदुस्तान अब धीरे-धीरे नाथूराम गोडसे के हिंदुस्तान में बदलता जा रहा है।

JagranPublish:Wed, 08 Dec 2021 05:24 AM (IST) Updated:Wed, 08 Dec 2021 05:24 AM (IST)
गाधी का हिंदुस्तान गोडसे के हिंदुस्तान में बदलता जा रहा : महबूबा
गाधी का हिंदुस्तान गोडसे के हिंदुस्तान में बदलता जा रहा : महबूबा

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। महबूबा ने कहा कि महात्मा गाधी का हिंदुस्तान अब धीरे-धीरे नाथूराम गोडसे के हिंदुस्तान में बदलता जा रहा है।

जंतर-मंतर पर गत सोमवार को धरना देने वाली महबूबा ने मंगलवार को दिल्ली में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि भारत को परंपरागत रूप से महात्मा गाधी के आदर्शो, सत्य, अहिंसा व सदभाव की धरती के साथ चिन्हित किया जाता है। नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाधी की हत्या की थी और उसे कट्टरवाद के साथ जोड़ा जाता है।

महबूबा ने और क्रिकेट को लेकर भारत-पाक संबंधों पर भी बात की। उन्होंने टी-20 विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता में पाकिस्तान के साथ मुकाबले में भारत की हार पर हुए हंगामे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे आज भी स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच खेला गया एक क्रिकेट मैच पूरी तरह याद है। उस मुकाबले में पाकिस्तान के लोगों ने जमकर भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया, उनके पक्ष में तालिया बजाईं और उसी तरह भारतीय नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा एक क्रिकेट मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान दिए गए बयान का भी जिक्र किया, जिसमें मुशर्रफ ने महेंद्र सिंह धोनी के लंबे बालों की तारीफ करते हुए उन्हें अपना हेयर स्टाइल न बदलने की सलाह दी थी। इस दौरान महबूबा ने आगरा में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम की जीत पर खुशी मनाने वाले कुछ युवाओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने पर रोष जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह अनुचित है। पाकिस्तान की जीत पर खुशी मनाने के लिए उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया है और कोई भी वकील अदालत में उनकी पैरवी करने को तैयार नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि गाधी का हिंदुस्तान अब गोडसे के हिंदुस्तान में तबदील हो रहा है।