Jammu Kashmir में हो चुका है शांति, स्थिरता, खुशहाली और आर्थिक विकास का सूर्याेदय : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर में निवेशकों के लिए जुटायी जा रही सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने जम्मू कश्मीर में निवेश के लिए बंद दरवाजों को पूरी तरह खोलने और जम्मू कश्मीर में कारोबारी संस्कृति को विकसित करने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है।

Rahul SharmaWed, 01 Dec 2021 11:15 AM (IST)
महिला उद्यमियों के लिए भी जम्मू कश्मीर में सभी संभावनाएं हैं।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में शांति, स्थिरता, खुशहाली और आर्थिक विकास का सूर्याेदय हो चुका है।उद्योग एवं वाणिज्य के विकास में जो भी अवरोधक थे, वह हट चुके हैं। आज कोलकत्ता में आयोजित एक सम्मेलन कनफैडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों और पूर्वोत्तर भारत के उद्योगतियों व निवेशकों को जम्मू कश्मीर में निवेश के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर में आर्थिक विकास और लाभकारी पूंजी निवेश का हर संभव अवसर उपलब्ध है,इसका लाभ उठाएं। जम्मू कश्मीर के आर्थिक विकास में भागीदार बनें।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि प्रत्येक निवेशक लाभ चाहता है, इसलिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने निवेशकों के लिए -आप क्या चाहते हैं, एक विस्तृत योजना भी तैयार रखी है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर एकल खिड़की पोर्टल जल्द ही राष्ट्रीय एकल खिड़की तंत्र के साथ एकीकृत हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के ईज आफ डूईंग बिजनेस के सभी 301 कारोबारी सुधार 31 दिसंबर 2021 से पहले ही कार्यान्वित जम्मू कश्मीर देश का पहला केंद्र शासितप्रदेश है।

सम्मेलन का आयोजन जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाईजेशन जेकेटीपीओ और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में बंगाल और पूर्वाेत्तर राज्यों के निवेशकों को निवेश के लिए प्रेरित करने के लक्ष्य के साथ किया था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में शांति, स्थरिता और समग्र विकास का एक नया दौर शुरु हो चुका है।आज जम्मू कश्मीर के नागरिकों के पास वही अधिकार हैं जो देश के अन्य राज्यों के नागरिकों को प्राप्त हैं।

उन्होंने कहा किजम्मू कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए एक लाभकारी, प्रगतिशील अनुकूल पारिस्थितिक तंत्र तैयार करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर में निवेश की उम्मीदों को पूरा करने के लिए औद्योगिक विकास योजना परिव्यय में वृद्धि की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित निवेश 31 हजार करोड़ रूपये का आंकड़ा पार कर चुके हैं और मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान यह 51 हजार करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद है। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में निवेश को लेकर निवेशकों द्वारा दिखाए जा रहे उत्साह को देखते हुए आद्योगिक विकास योजना का परिव्यय भी बढ़ाया गया है।

उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में आद्योगिक इकाईयों की स्थापना को लेकर जिस तरह से प्रस्ताव आ रहे हैं, उससे जमीन की मांग भी बढ़ रही है और इस मांग को पूरा करने के लिए ही पूरे प्रदेश में लैंड बैंक को विकसित किया जा रहा है।इसके अलावा भूमि के प्रयोग को लेकर भी एक व्यावहारिक नियमावली तैयार की जा रही है ताकि निजी भूमि पर भी बिना किसी दिक्कत औद्योगिक उपक्रम स्थापित किए जा सकें। निजी भूमि पर स्थापित किए जाने वाले सभी उपक्रमों को भी घोषित औद्योगिक नीति के तहत सभी लाभ प्राप्त होंगे।

उन्होंने कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए लगाए गए लाकडाउन के कारण निर्धारित समय पर उत्पादन शुरु करने में नाकाम रही औद्योगिक इकाइयों के लिए एक बार की छूट का एलान किया। उन्होंने कहा कि इन इकाईयों को 31 मार्च 2022 तक उत्पादन शुरु करना होगा तभी संबधित लाभ मिलेंगे, अन्यथा नहीं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर में निवेशकों के लिए जुटायी जा रही सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने जम्मू कश्मीर में निवेश के लिए बंद दरवाजों को पूरी तरह खोलने और जम्मू कश्मीर में कारोबारी संस्कृति को विकसित करने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पूरे देश में नए औद्योगिक उपक्रम शुरु करने का सर्वश्रेष्ठ केंद्र है। भूमि आबंटन की एक पारदर्शी नीति तैयार करने केसाथ निजी औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा औद्योगिक इकाइयों का प्रचार-प्रोतसाहण,पूंजी प्रोत्साहण, एक उदार पूंजी ब्याज सबवेंशन,जीएसटी से संबधित राहत व प्राेत्साहण, सेक्टर विशेश औद्योगिक संपदा और पार्क विकास व एकल खिड़की समेत कई सुधार और 160 नई पहल की गई हैं। एकल खिड़की पोर्टल पर 120 आनलाईन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। जम्मू कश्मीर में एकल खिड़की पोर्टल को जल्द ही राष्ट्रीय एकल खिड़की तंत्र के साथ एकीकृत किया जा रहा है।

उन्होंने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, उत्पादन, रियल इस्टेट, श्रम, परिवहन संबधी क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर उपलब्ध संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 के दिसंब अंत तक कश्मीर में रेल ळभी पहुंच जाएगी। इससे कश्मीर घाटी में संपर्क का एक और मजबूत साधन उपलब्ध होगा।

महिला उद्यमियों के लिए विशेष औद्याेगिक क्षेत्र : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि महिला उद्यमियों के लिए भी जम्मू कश्मीर में सभी संभावनाएं हैं। हैदराबाद के बाद जम्मू कश्मीर ही देश का दूसरा ऐसा क्षेत्र है, जहां उधमपुर में महिला उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र की सुविधा है।

सुरक्षा और विश्वास का माहौल है : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में निवेशक शांति और सुरक्षा काे पहली आवश्यकता मानते हैं। जम्मू कश्मीर के परिपेक्ष्य में भी सुरक्षा का जिक्र आता है। मैं सभी को यकीन दिलाता हूं कि अगस्त 2019 के बाद से जम्मू कश्मीर अपराध-मुक्त, भय-मुक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रदेश हो गया है। इसी साल जुलाई में जम्मू कश्मीर में 10.5 लाख पर्यटक आए। अगस्त में यह आंकड़ा 11.28 लाख, सितंबर में 12.8 लाख और अक्टूबर में 13 लाख को पार कर गया। यह आंकड़े जम्मू कश्मीर की शांति व्यवस्था का प्रमाण हैं।

कुशल श्रम की कमी नही है : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को कुशल श्रमिकों की जरुरत है। जम्मू कश्मीर की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम आयु वर्ग की है। कुशल श्रमिकों की कमी न हो,इसके लिए इंडस्ट्री 4.0 की तकनीकी ट्रेनिंग पर भी टाटा टैक्नोलाजी की मदद से प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बना रही है। स्कूल के स्तर से वोकेशनल ट्रेनिंग शुरू की गई है ।देश में अकेला जम्मू कश्मीर ऐसा क्षेत्र है जहां एम्स,आईआईटी और आईआईएम जैसे तीन प्रमुख और प्रतिष्ठित संस्थान हैं।

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