कश्मीर बंद से जनजीवन प्रभावित

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : कश्मीर घाटी में रविवार को बंद से एक बार फिर सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। इस दौरान प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया था। मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को भी बंद रखा गया था। बनिहाल-बारामुला रेल सेवा भी एहतियातन बंद रखी गई।

बंद का आह्वान कश्मीर ट्रेडर्स मैन्युफैक्चर्स फ्रंट और कश्मीर इकोनामिक एलायंस के बैनर तले कश्मीर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने किया था। सभी ट्रांसपोर्ट और बुद्धिजीवी संगठनों ने बंद का समर्थन किया था। व्यापारिक संगठनों ने यह बंद गोरीपोरा, पुलवामा हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर कश्मीरियों के उत्पीड़न के खिलाफ किया था।

श्रीनगर समेत पूरी वादी में सुबह से ही बंद का असर नजर आया। रविवार को सजने वाला संडे बाजार भी कहीं नहीं सजा। सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सरकारी कार्यालय व शिक्षण संस्थान साप्ताहिक अवकाश के चलते बंद रहे। सड़कों पर सार्वजनिक वाहन भी नजर नहीं आए। निजी वाहन जरूर सड़कों पर निकले, लेकिन उनकी संख्या भी नाममात्र ही रही।

बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने लालचौक और डाउन-टाउन के अलावा सोपोर, बिजबिहाड़ा, पांपोर व पुलवामा में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। सभी संवेदनशील इलाकों में आने जाने के रास्ते कंटीले तार से बंद रखे गए ताकि भीड़ को जमा होने से रोका जा सके। अफवाहों पर काबू पाने के लिए पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद रखा गया, लेकिन ब्रॉडबैंड सेवा सीमित गति से श्रीनगर और जिला मुख्यालयों में बहाल रही। इस दौरान विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रीनगर में जुलूस भी निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।

पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बंद के दौरान स्थिति शांत रही। शाम साढ़े चार बजे तक किसी जगह से ¨हसा की कोई सूचना नहीं मिली थी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.