Jammu And Kashmir: लश्कर के डिवीजनल कमांडर का मारा जाना बड़ी कामयाबी: डीजीपी

Dilbag Singh जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एजाज रेशी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि एजाज की मौत से स्थानीय युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

By Sachin Kumar MishraEdited By: Publish:Mon, 28 Sep 2020 08:38 PM (IST) Updated:Mon, 28 Sep 2020 08:38 PM (IST)
Jammu And Kashmir: लश्कर के डिवीजनल कमांडर का मारा जाना बड़ी कामयाबी: डीजीपी
लश्कर का डिवीजनल कमांडर एजाज रेशी मुठभेड़ में ढेर।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। Dilbag Singh: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के संबूरा में हुई भीषण मुठभेड़ में पांच साल से सक्रिय लश्कर का दुर्दांत डिवीजनल कमांडर एजाज रेशी अपने अंगरक्षक सज्जाद सोफी संग मारा गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने सोमवार को एजाज रेशी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि एजाज की मौत से स्थानीय युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती पर काबू पाने में मदद मिलेगी। पांपोर के संबूरा इलाके में रविवार रात हुई मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे। सोमवार सुबह सुरक्षाबलों ने मुठभेड़स्थल की तलाशी ली तो गोलियों से छलनी दो आतंकियों के शव और उनके हथियार मिले। मारे गए आतंकियों की पहचान एजाज और सज्जाद के रूप में हुई है। आतंकियों के पास से दो असॉल्ट राइफलें, दो मैगजीन और अन्य आपत्तिजनक सामान मिला है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मुठभेड़ में मारा गया एजाज अहमद रेशी 2015 तक आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर था। वह 2016 में आतंकी बुरहान के मारे जाने से पहले ही लश्कर में पूरी तरह सक्रिय हो चुका था। वह पांपोर में हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। इस हमले में आठ सीआरपीएफ कर्मी शहीद हुए थे। उसने ही लश्कर के आतंकियों को पंपोर स्थित ईडीआइ परिसर में पहुंचाया था। कदलबल, पांपोर में एक सैन्य गश्ती दल पर हमले की वारदात में भी वह शामिल था। इस हमले में तीन सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। इसके अलावा भी वह कई वारदात में शामिल था।

कई लड़कों को बनाया था आतंकी 

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि एजाज अहमद रेशी ने कई स्थानीय लड़कों को आतंकी बनाया है। बीते दिनों सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए तौसीफ खांडे, रफीक डार और आदिल अहमद सरीखे लश्कर के स्थानीय आतंकी एजाज द्वारा ही भर्ती किए गए थे। उसके साथ मारे गए सज्जाद अहमद सोफी को भी एजाज ने ही भर्ती किया था। उसने करीब दो दर्जन लड़कों को लश्कर व हिजबुल जैसे संगठनों में भर्ती कराया गया है।

24 लड़कों को आतंकवाद की राह से वापस लाया

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस साल दक्षिण कश्मीर में बीते साल की तुलना में स्थानीय आतंकियों की भर्ती में कमी आई है। बीते 15 दिनों में हम तीन युवकों को वापस मुख्यधारा में लाए हैं। वहीं, इस साल अब तक करीब 24 लड़कों को आतंकवाद की राह से वापस लाए हैं।

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