खामोशी में बीता फारूक अब्दुल्ला का 83वां जन्मदिन, पत्नी मौली और बेटी साफिया मुबारक देने पहुंचीं

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को 83वां जन्मदिन मनाया, लेकिन बिना किसी ताम-झाम के। जन्मदिन पर सिर्फ उनसे उनकी पत्नी मौली और बेटी साफिया उन्हें मुबारक देने के लिए मिल सकी।

गौरतलब है कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला राज्य के उन प्रमुख राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं में शामिल हैं जिन्हें जम्मू कश्मीर में पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद नजरबंद या हिरासत में ले लिया था। फारूक को उनके ही घर में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत बंदी बनाया गया है। सामान्य परिस्थितियों में उनके जन्मदिन पर राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता ही नहीं देश के कई दिग्गज सियासतदान भी उन्हें मुबारक देते थे थे। सोमवार को ऐसा कुछ नहीं था। फारूक का जन्मदिन खामोशी के साथ बीता।

ममता बनर्जी ने याद रखा सिर्फ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें उनके जन्मदिन पर याद रखा। उन्होंने अपने ट्वीटर पर मुबारक देते हुए लिखा फारूक अब्दुल्ला जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मौजूदा समय आपके लिए काफी मुश्किल भरा है। हम आपके साथ खड़े हैं। अच्छे की उम्मीद में डटे रहें। हम आपकी सेहत की कामना करते हैं। ममता ने उन्हें सकारात्मक रहने का संदेश दिया और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। 

उल्लेखनीय है कि 82 वर्षीय जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद हिरासत में लिया गया था। फारूक अब्दुल्ला के ममता बनर्जी के साथ राजनीतिक जीवन में बेहतर संबंध रहे हैं। इससे पहले 19 जनवरी को ब्रिगेड मैदान में तृणमूल की ओर से आयोजित विपक्ष की मेगा रैली यूनाइटेड इंडिया में शामिल होने फारूक अब्दुल्ला कोलकाता पहुंचे थे। 

उन्होंने गत मंगलवार को श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया अब्दुल्ला के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि उनके पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। बेशक, वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन उन्होंने जो प्लेकार्ड उठा रखे थे, उन पर कुछ भड़काऊ बातें लिखी हुई थीं, जिनसे कानून व्यवस्था पर असर हो सकता था।

लालचौक में जमा हुई महिलाओं को मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त करने को कहा था, लेकिन वह नहीं मानी थीं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी को भड़काने के लिए आपको चिल्लाने या नारे लगाने की जरूरत नहीं है। आपके हाथ में जो प्लेकार्ड है, उस पर क्या लिखा है, यह भी हालात बिगाड़ सकता है। पुलिस ने फारूक की बहन व बेटी समेत करीब एक दर्जन महिलाओं को एहतियातन हिरासत में लिया था। 

सूत्रों ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अपने जन्मदिन पर सिर्फ अपनी पत्नी मौली और बेटी साफिया से ही मुलाकात करने की अनुमति मिली है। वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ करीब दो घंटे तक रहे। 

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