Srinagar : 14 वर्ष पुराने फर्जी स्टांप मामले में दो आरोपियों के खिलाफ गांदरबल अदालत में आरोपपत्र दायर

अपराध शाखा के प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2007 में दर्ज किया गया था। उस समय सदर कोर्ट श्रीनगर में एक न्यायिक अधिकारी ने अपराध शाखा काे सूचित किया था कि जमीन के एक टुकड़े की खरीद के लिए जो स्टांप पेपर लाए गए हैं वह फर्जी प्रतीत होते हैं।

Rahul SharmaPublish:Wed, 01 Dec 2021 09:50 AM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 09:50 AM (IST)
Srinagar : 14 वर्ष पुराने फर्जी स्टांप मामले में दो आरोपियों के खिलाफ गांदरबल अदालत में आरोपपत्र दायर
Srinagar : 14 वर्ष पुराने फर्जी स्टांप मामले में दो आरोपियों के खिलाफ गांदरबल अदालत में आरोपपत्र दायर

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा कश्मीर ने लगभग 14 वर्ष पुराने फर्जी स्टांप मामले में लिप्त दो आरोपियों के खिलाफ चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट गांदरबल की अदालत में आरोप पत्र दायर किया है।

अपराध शाखा के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला वर्ष 2007 में दर्ज किया गया था। उस समय सदर कोर्ट श्रीनगर में एक न्यायिक अधिकारी ने अपराध शाखा काे सूचित किया था कि जमीन के एक टुकड़े की खरीद के लिए जो स्टांप पेपर लाए गए हैं, वह फर्जी प्रतीत होते हैं। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया और सदर कोर्ट मार्ग पर स्टांप पेपर बेचने वाला सैयद शौकत हुसैन नामक एक विक्रेता पकडा गया। उसके बाद दो और स्टांप पेपर विक्रेता गजंफर और खिजर मोहम्मद भी पकड़े गए।

पूछताछ के दौरान जावेद अहमद और खुर्शीद अहमद को अनंतनाग से पकड़ा गया। यह दोनों ही कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। इनका एक साथी फैयाज अहमद बाद में पकड़ा गया था। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 16 लाख रूपये मूल्य के फर्जी स्टांप पेपर पकड़े थे। प्रत्येक फर्जी स्टांप पेपर का मूल्य एक हजार रुपये था और इस तरह यह गिरोह सरकारी खजाने को भारी नु़क्सान पहुंचा रहा था।

प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में एक आरोप पत्र पहले भी श्रीनगर की अदालत में दायर किया जा चुका है। आज चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत में सैयद शौकत और जावेद अहमद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं।