उड़ी में छिपे 10 आतंकियों की तलाश में पैरा कमांडो भी उतारे

उत्तरी कश्मीर में बीते आठ वर्षो में अब तक की सबसे बड़ी आतंकी घुसपैठ हुई है। नियंत्रण रेखा के साथ सटे उड़ी (बारामुला) सेक्टर में तकरीबन 10 आतंकियों ने दो दिन पहले घुसपैठ की है। हालांकि सेना की ओर से आतंकियों की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया गया है।

JagranTue, 21 Sep 2021 05:20 AM (IST)
उड़ी में छिपे 10 आतंकियों की तलाश में पैरा कमांडो भी उतारे

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उत्तरी कश्मीर में बीते आठ वर्षो में अब तक की सबसे बड़ी आतंकी घुसपैठ हुई है। नियंत्रण रेखा के साथ सटे उड़ी (बारामुला) सेक्टर में तकरीबन 10 आतंकियों ने दो दिन पहले घुसपैठ की है। हालांकि, सेना की ओर से आतंकियों की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। अलबत्ता, घुसपैठियों की तलाश में सैन्य अभियान सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। तलाशी अभियान में पैरा कमाडो का एक दस्ता भी शामिल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उड़ी और बारामुला के विभिन्न हिस्सों में इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा बंद कर दी है। यह कदम घुसपैठियों उनके स्थानीय संपर्को, गाइडों और उन्हें छिपाने वालों के बीच किसी भी संपर्क को ठप करने व अफवाहों पर रोक के लिए उठाया गया है। गत रविवार की तड़के उड़ी सेक्टर में अंगूरी पोस्ट के इलाके में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ का प्रयास किया था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक जवान जख्मी हो गया था। आतंकी जंगल और बारिश की आड़ में भाग निकले थे। सेना के अधिकारियों ने कहा कि उड़ी सेक्टर से कश्मीर के अंदरूनी इलाकों की तरफ आने वाले सभी प्रमुख रास्तों व नालों में भी विशेष नाके लगाए गए हैं। जहा घुसपैठ हुई है, उस पूरे इलाके में घेराबंदी है। सेना अपने खोजी कुत्तों की भी मदद ले रही है। उड़ी के अग्रिम इलाकों में स्थित बस्तियों में संदिग्ध तत्वों और आतंकियों के पुराने गाइडों की भी निगरानी की जा रही है। सेना की 15वीं कोर के कमाडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पाडेय ने भी उड़ी में सैन्य अभियान की पुष्टि की है। हालाकि, सेना ने उड़ी में घुसपैठ कर आए आतंकियों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, घुसपैठियों की संख्या करीब 10 है। इस सेक्टर में बीते सात-आठ वर्षो में अब तक की यह सबसे बड़ी घुसपैठ है। सेना के मुताबिक घुसपैठ रविवार की तड़के हुई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो घुसपैठ शनिवार 18 सितंबर को हुई होगी, क्योंकि 2016 में 18 सितंबर की सुबह ही लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने उड़ी ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किया था।

सूत्रों के मुताबिक हो सकता है कि आतंकी एलओसी पर गश्त करने वाले किसी भारतीय सैन्य दल या फिर किसी अग्रिम चौकी पर हमला करने की फिराक में छिपे बैठे हों और सेना के जवानों ने उन्हें देख लिया हो। इसके बाद ही आतंकियों व जवानों के बीच एक छोटी मुठभेड़ हुई होगी। संघर्ष विराम समझौते के बाद दो बार घुसपैठ

इस वर्ष फरवरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा एलओसी पर संघर्ष विराम समझौते के बाद गुलाम कश्मीर की तरफ से उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर आतंकियों की यह घुसपैठ की दूसरी कोशिश है। इससे पूर्व जून में बाडीपोरा में एलओसी पर घुसपैठ हुई थी। घुसपैठ करने वाले तीनों आतंकी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं पुंछ में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान

पुंछ जिले के मंगनाड़ टाप के जंगली इलाकों में संदिग्ध देखे जाने के बाद सोमवार को सुबह से ही पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सेना की राष्ट्रीय राइफल बटालियन ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जंगली इलाकों को खंगाला गया। सुरक्षाबलों को देगवार सेक्टर में रविवार को नियंत्रण रेखा के निकटवर्ती इलाकों में संदिग्ध देखे जाने की खबर मिली थी। तब से ही तलाशी अभियान चल रहा है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.