राजौरी में ट्रैकिग पर गए युवाओं को नहीं मिल रही कोई सुविधा, रोष

जागरण संवाददाता राजौरी जिले के पीर पंजाल के पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता हर किसी क

JagranSat, 18 Sep 2021 06:23 AM (IST)
राजौरी में ट्रैकिग पर गए युवाओं को नहीं मिल रही कोई सुविधा, रोष

जागरण संवाददाता, राजौरी : जिले के पीर पंजाल के पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता हर किसी का मन मोह लेती है। प्रदेश व जिले के नामी ट्रैकर्स पहले से ही पीर पंजाल के प्राकृतिक सौंदर्य से भरे पड़े पहाड़ों के बीच सात झील के दर्शन कर देश के सैलानियों को इस ओर आकर्षित कर रहे हैं और प्रशासन का ध्यान इस तरफ दिला रहे हैं। जब प्रशासन व संबंधित विभाग की आंख खुली तो उन्होंने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत मेले के तहत लाखों के सरकारी फंड से युवाओं व क्षेत्र के तंदुरुस्त लोगों को पीर पंजाल की प्राकृतिक सात झीलों की सैर करवाने का मन बनाया, जिसके लिए सरकारी फंड से कई सप्ताह पहले ही प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया। इसके लिए 500 रुपये पर आफलाइन व आनलाइन बुकिग जारी हो गई। प्रशासन द्वारा सभी सुविधाएं देने का पक्का वायदा किया गया और कहा गया कि आप लोगों को सात दिन की सैर करवाई जाएगी, लेकिन हुआ इसका उल्टा।

सैर पर निकले युवाओं के मुताबिक सरकारी बंदोबस्त जीरो रहे। खाने-पीने के कोई बंदोबस्त नहीं था। दवा का नामोनिशान तक नही्रं। सात झील नहीं यह सिर्फ ढोक तक ही सीमित रही। ढोक यानी गर्मियों में खानाबदोश लोगों का पहाड़ों पर अस्थायी बसेरा स्थल।

पर्यटक मो. इरफान भट्टी आदि युवाओं ने बताया कि प्रशासन की तरफ से सुविधा नहीं दिए जाने पर कुछ साथियों को निराश होकर वापस घर के लिए रुख करना पड़ रहा है। प्रशासन की तरफ से सुबह सिर्फ आधा कप चाय और एक पूड़ी दी गई। इसके सिवाए अभी रात के 9 बज रहे हैं कुछ नहीं दिया गया। प्रशासन द्वारा रहने व खाने की सुविधा उपलब्ध करने पर ही हम निकले थे। इसलिए हमने रहने-खाने के लिए साथ कुछ नहीं लाया। असुविधा के कारण कई शकरमर्ग तो कोई बेस कैंप व ढोकों में रुक गए हैं। परेशानी बताने के लिए तीन किलोमीटर दूर नेटवर्क वाली जगह आना पड़ा है। हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं जम्मू- कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मुहम्मद फारूक इंकलाबी ने राजौरी पर्यटन विभाग पर राजौरी व पुंछ के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि पर्यटन विभाग राजौरी के अधिकारियों द्वारा उन युवाओं के लिए जो इस समय दरहाल से शकरमर्ग तक ट्रेकिग कर रहे हैं, उन्हें कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई। सैकड़ों युवाओं को ट्रैकिग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने ट्रैकिग से पहले जिस तरह से युवाओं को 500 रुपये में हरे-भरे सुंदर पहाड़ व प्राकृतिक झीलों के दर्शन करवाने का लालच दिया था। वह मात्र कागजी कार्रवाई तक सीमित था। जमीनी स्तर पर स्थिति यह थी कि प्रशासन द्वारा चाय-खाना व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई।

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