राजौरी व पुंछ में संविधान दिवस उत्साह के साथ मनाया गया

जागरण संवाददाता राजौरी राजौरी और पुंछ दोनों जिलों में शुक्रवार को संविधान दिवस उत्साह

JagranPublish:Sat, 27 Nov 2021 06:03 AM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 06:03 AM (IST)
राजौरी व पुंछ में संविधान दिवस उत्साह के साथ मनाया गया
राजौरी व पुंछ में संविधान दिवस उत्साह के साथ मनाया गया

जागरण संवाददाता, राजौरी : राजौरी और पुंछ दोनों जिलों में शुक्रवार को संविधान दिवस उत्साह और जोश के साथ मनाया गया।

राजौरी में पुलिस अधिकारियों ने जिलेभर के सभी पुलिस कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में शपथ समारोह का आयोजन किया। जिला पुलिस कार्यालय राजौरी के निर्देश पर यह शपथ समारोह जिले के सभी थानों, पुलिस चौकियों, एसडीपीओ कार्यालयों और जिला पुलिस कार्यालय एवं रेंज पुलिस कार्यालय में आयोजित किए गए। राजौरी में पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस एक कानून प्रवर्तन एजेंसी है और भारत के संविधान के तहत दिन-रात काम करती है। ये शपथ समारोह पेशेवर तरीके से आयोजित किए जाते हैं, जिसमें संबंधित प्रतिष्ठानों के पुलिस अधिकारियों ने सभी अधिकारियों को संविधान की शपथ दिलाई।

इसी प्रकार जिला सचिवालय परिसर में भी शपथ समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला उपायुक्त राजौरी राजेश कुमार शवन ने की, जिसमें जिला प्रशासन के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।

इसी तरह से नौशहरा व कालाकोट में भी संविधान दिवस के अवसर पर शपथ समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साथ स्कूलों व कालेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

सुंदरबनी लड़कों के हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों व छात्रों ने संविधान की शपथ ली और संविधान द्वारा प्राप्त दिशानिर्देश के अनुसार जीवन पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

स्कूल के प्रिसिपल संजीव सूरी ने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम में स्कूल की लेक्चरर अंजू कुमारी ने कहा कि 26 नवंबर की ऐतिहासिक तारीख को सन 1949 में भारत की संविधान समिति की तरफ से भारत के संविधान को स्वीकार किया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को प्रभावी रूप से लागू किया जा सका। उन्होंने कहा कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते आपको समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, संस्कृति एवं शिक्षा से संबंधित अधिकार मिले हुए हैं। यदि आपके किसी भी अधिकार का हनन होता है तो आपको संवैधानिक उपचारों का भी अधिकार प्राप्त है। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के अन्य शिक्षकों व सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों का मुख्य योगदान रहा।

पुंछ जिला सचिवालय के सम्मेलन कक्ष में भी संविधान दिवस का संकल्प लिया गया, जिसमें जिला उपायुक्त पुंछ इंद्रजीत सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मी शामिल हुए।