गांवों में बिन पानी कराह रहे ग्रामीण, प्राकृतिक जलस्त्रोत भी सूखे

संवाद सहयोगी बसोहली कहते हैं जल ही जीवन है मगर बसोहली उप जिला में जल को इतना महत्व जल शक्ति विभा

JagranFri, 11 Jun 2021 12:20 AM (IST)
गांवों में बिन पानी कराह रहे ग्रामीण, प्राकृतिक जलस्त्रोत भी सूखे

संवाद सहयोगी, बसोहली: कहते हैं जल ही जीवन है, मगर बसोहली उप जिला में जल को इतना महत्व जल शक्ति विभाग के पूर्व अधिकारियों ने नहीं दिया, अगर दिया होता तो लोगों को इस भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशानी नहीं झेलना पड़ता। हर पंचायत व हर मोड़ा इस समय पानी के लिए कराह रहा है। लोग बार-बार गुहार लगाने से भी तंग आ गये हैं और बरसात आने का इंतजार कर रहे हैं कि थोड़े दिनों की बात है, एक बार फिर से पानी के प्राकृतिक स्त्रोतों में पानी आ जाएगा, तब तक जैसे तैसे कम पानी में भी गुजारा कर लेंगे।

अगर बात की जाए डोडला पंचायत की तो यहा पर पिछले 20 सालों से पंचायत में पानी की सप्लाई संभव नहीं हो पाई है। ग्रामीण सोबु राम, प्रवीण चंद, काकू राम, सृष्टि पाल, बशीर अहमद, साबार दीन, कुरको राम आदि ने बताया कि विभाग की 20 साल पुरानी पानी की पाइप जगह जगह बंद पड़ी हुई है। इस शिकायत को लेकर जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के पास कई बार गुहार लगाई गई। यहा तक कि बैक टू विलेज में भी इस मुद्दे को स्थानीय निवासियों ने उठाया, मगर कोई हल नहीं हुआ। इसी तरह, घगरोड़ पंचायत के मदराखी मोड़े में एकमात्र पानी का कुआं जवाब दे गया है। यहा पर लोगों को सुबह-सुबह उठकर पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। गाव में पानी की जरूरत को पूरा करने के लिये पानी की सप्लाई नाकाफी है। घगरोड़ पंचायत वार्ड नंबर 6 मदराखी के लोगों को पीने तक पानी नहीं मिल पा रहा। एक ही कुआ है जिस पर 40 घर निर्भर हैं, उसकी भी खस्ता हालत है पीने के पानी का इसके अलावा कोई और स्त्रात नहीं है।

बहरहाल, जल शक्ति विभाग ने हर घर तक पानी सही ढंग से पहुंचाने के लिये कार्य किया होता तो लोगों को कानून अपने हाथों में लेने की क्या जरूरत थी। पिछले दिनों बसोहली उप जिला में कई गावों में ग्राउंड वाटर विभाग द्वारा लगाए गए हैंडपंप पर मोटर स्थापित कर घरों तक पाइप लाइन लगाने की जरूरत इसलिए पड़ी कि हर उस जगह पर पानी की किल्लत थी और लोगों की बार-बार शिकायत को विभाग ने अनदेखा किया। अगर कार्रवाई हुई होती तो आज लोग कानून हाथों में लेने को मजबूर ना होते।

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प्रशासन के निर्देश के बाद भी पलानी में पेयजल संकट

साधर गाव का मोड़ा पलानी में पेयजल संकट दूर करने के कई बार प्रशासन ने निर्देश दिए, मगर पानी की सप्लाई में सुधार आज तक नहीं हो पाया। गाव में एकमात्र पानी का स्त्रोत बाबली है, जिसका पानी पीना गाव के लोगों की मजबूरी बनकर रह गया है। यहा पर हालत इतनी खराब है कि पानी की शक्ल ही लाल है। जो सुबह सुबह पानी भर कर ले गया उसके बाद पानी खराब हो जाता है, मगर लोग इस पानी को भी पी रहे हैं, जिससे कभी भी गाव में कोई गंभीर बीमारी फैलने का खतरा है।

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अभी कार्यभार संभाले हैं। संबंधित गावों का दौरा कर पंचायत के जन प्रतिनिधियों एवं लोगों से संपर्क कर पानी की समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे। सही ढंग से योजना बनाई जाएगी।

- अखिल दत्त, एईई, जल शक्ति विभाग।

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